किसी के विरोध करने से कुड़मी जनजाति की अनुसूचित जनजाति में सूचीबद्ध होने का आंदोलन नहीं रुकेगा : शीतल ओहदार

11 जनवरी 2026 को मोराबादी मैदान में कुड़मी अधिकार महारैली का होगा आयोजन

गणादेश,रांची : झारखंड में कुड़मी समुदाय अपने अधिकार को लेकर मुखर हो गई है। लगातार बैठक कर आगे की रणनीति अख्तियार कर रही है। ईसी कड़ी में बुधवार को धनबाद के शगुन पैलैस में टोटेमिक कुड़मी/ कुरमी जनजाति के सभी अठारह संगठनों के संयुक्त बृहद झारखंड कुड़मी समन्वय समिति का आवश्यक बैठक मंटु महतो की अध्यक्षता में हुई। बैठक में मुख्य रूप से 18 संगठनों के अध्यक्ष अथवा प्रतिनिधि शामिल हुए जिसमें शीतल ओहदार,गौरी शंकर महतो,थानेश्वर महतो, रचिया महतो, मोहन महतो ,कुमेश्वर महतो, देवकी महतो, लालचंन महतो, सोनालाल महतो,प्रदीप महतो आदि ने अपना महत्वपूर्ण विचार रखा। समाज के अगुआ शीतल ओहदार ने संबोधित करते हुए कहा कि किसी के विरोध करने से कुड़मी जनजाति की अनुसूचित जनजाति में सूचीबद्ध होने का आंदोलन नहीं रुकेगा। आप हमारा जितना विरोध करोगे आंदोलन उतनी तेज होगी , हम अपनी हक के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं किसी की हक मारी नहीं होगी। अगर हम अनुसूचित जनजाति में सूचीबद्ध होते हैं तो अपना हिस्सा संविधान सम्मत लेकर के आएंगे, बाकी अनुसूचित जनजातियों का हिस्सा कायम रहेगा। इसीलिए किसी के बहकावे में आकर अनर्गल बयान बाजी ना हो। कुड़मी जनजाति का अनुसूचित जनजाति की सूची में सूचीबद्ध होने की और कुड़माली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की लड़ाई वर्षों पुरानी है अब इस लड़ाई को युवा अपने कंधे पर ले चुके हैं और अधिकार लेकर ही छोड़ेंगे। श्री मंटु महतो जी ने कहा रेल टेका आंदोलन साबित कर दिया है कि समाज एकजुट हो गई है बृहद झारखंड के कुड़मी विगत 75 वर्षों से अपने संवैधानिक अधिकार से वंचित हैं और आने वाले पिढीयों के लिए भी चिंतित हैं। अब पूरे झारखंड में ताकत दिखाना ही होगा इसके लिए रांची ,जमशेदपुर, धनबाद, बोकारो, हजारीबाग जैसे कुड़मी बहुल क्षेत्रों में एकजुट होकर समाज के लोगों को और अधिक अपने अधिकार के प्रति जागरूक करने के लिए रैली करना होगा। सर्वसम्मिति से निर्णय हुआ कि दिनांक 2 नवंबर 2025 को हजारीबाग में दिनांक 16 नवंबर 2025 को चंदनकियारी में दिनांक 23 नवंबर 2025 को जमशेदपुर में दिनांक 2 दिसंबर 2025 को धनबाद में और दिनांक 14 दिसंबर 2025 को नवाडिह बोकारो में कुड़मी अधिकार रैली की जाएगी। मोराबादी मैदान रांची में 11 जनवरी 2026 को कुड़मी अधिकार महारैली की घोषणा की गई। इन आंदोलनों से भी यदि सरकार कुड़मी को अनुसूचित जनजाति में सूचीबद्ध करने की संज्ञान में नहीं लेती है तो मोराबादी मैदान के महारैली से ही झारखंड में नाकाबंदी की घोषणा की जाएगी। इस बैठक में मुख्य रूप से संदीप महतो,राजू महतो, अशोक महतो, महेंद्र महतो, डब्लू महतो, संजय महतो सहित सैकड़ो लोग शामिल रहे।

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