JPSC-JSSC विवाद: सरकार और छात्रों के बीच बैठक खत्म, तीन परीक्षाएं रद्द करने पर बनी सहमति! ED से वित्तीय लेन-देन की जांच पर भी सरकार तैयार

रांची: झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षा विवाद को लेकर छात्रों और सरकार के बीच रविवार को हुई बैठक खत्म हो गई है। बैठक में कई अहम बिंदुओं पर सहमति बनने की बात सामने आ रही है। हालांकि, बैठक में लिए गए फैसलों को लेकर सरकार और छात्र प्रतिनिधियों की ओर से अभी तक आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
बैठक से सामने आ रही जानकारी के अनुसार, 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करने पर सरकार तैयार हो गई है। इसके अलावा JPSC बैकलॉग परीक्षा-2023 और JPSC बैकलॉग परीक्षा-2025 को भी रद्द करने की बात सामने आ रही है। यानी फिलहाल कुल तीन परीक्षाओं को रद्द करने पर सहमति बनने की जानकारी है।
ED से वित्तीय लेन-देन की जांच
परीक्षा में कथित गड़बड़ी और धांधली के मामले में हुए वित्तीय लेन-देन की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) से कराने पर भी सरकार की ओर से सहमति जताए जाने की बात सामने आई है। छात्रों की ओर से लंबे समय से परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही थी।
TDPL से जुड़ी सभी परीक्षाओं की होगी जांच
बैठक में TDPL एजेंसी द्वारा संचालित कराई गई सभी परीक्षाओं की जांच कराने पर भी सहमति की बात सामने आ रही है। इससे एजेंसी के माध्यम से आयोजित पूर्व की परीक्षाओं की प्रक्रिया और उनमें किसी तरह की अनियमितता हुई या नहीं, इसकी भी जांच का रास्ता खुल सकता है।
90 दिनों में CID जांच रिपोर्ट
बैठक में यह भी कहा गया है कि पूरे मामले की जांच कर रही CID 90 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। इसके साथ ही मामले की व्यापक जांच के लिए एक उच्चस्तरीय जांच कमेटी गठित करने पर भी सहमति बनने की जानकारी सामने आई है।
JPSC-JSSC में होगा रिफॉर्म
JPSC और JSSC की परीक्षा प्रक्रिया में सुधार के लिए सरकार IIM और XISS जैसे संस्थानों की मदद लेने पर भी तैयार हुई है। इसका उद्देश्य आयोगों की परीक्षा प्रणाली, पारदर्शिता और भर्ती प्रक्रिया में आवश्यक सुधार करना बताया जा रहा है।
सरकार ने छात्र प्रतिनिधियों को आगे की कार्रवाई और प्रस्ताव पर विचार करने के लिए समय दिया है। अब छात्रों की ओर से क्या निर्णय लिया जाता है, इस पर सभी की नजर है।
हालांकि, बैठक में वास्तव में क्या-क्या अंतिम निर्णय लिए गए हैं, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी सरकार या छात्र प्रतिनिधियों की ओर से नहीं की गई है। इसलिए बैठक से सामने आए इन बिंदुओं को फिलहाल संभावित सहमति के रूप में देखा जा रहा है.

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