केंद्र सरकार महिला आरक्षण की आड़ में परिसीमन लागू करना चाहती थी: केशव महतो
रांची: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव, ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह और प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष रमा खलखो ने रविवार को कांग्रेस भवन, रांची में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्र सरकार पर महिला आरक्षण मुद्दे को लेकर तीखा हमला बोला।
प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार महिला आरक्षण की आड़ में 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन लागू करना चाहती थी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य महिलाओं को वास्तविक आरक्षण देना नहीं, बल्कि राजनीतिक लाभ हासिल करना था। उन्होंने मांग की कि 2023 में सर्वसम्मति से पारित महिला आरक्षण विधेयक को तुरंत लागू किया जाए और 2029 के लोकसभा चुनाव में 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने प्रधानमंत्री के राष्ट्र के नाम संबोधन को “चुनावी भाषण” करार देते हुए कहा कि देश की जनता अब भाषण नहीं, बल्कि जवाबदेही चाहती है। उन्होंने कांग्रेस के इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि पार्टी ने हमेशा महिलाओं को नेतृत्व का अवसर दिया है और पंचायतों में लाखों महिलाओं की भागीदारी कांग्रेस की नीतियों का परिणाम है।
कांग्रेस ने यह भी मांग की कि:
वर्तमान 543 लोकसभा सीटों में ही 33% महिला आरक्षण लागू किया जाए
जनगणना और परिसीमन के बहाने इसे टाला न जाए
ओबीसी वर्ग की महिलाओं को भी उचित प्रतिनिधित्व मिले
कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने कहा कि 2023 में पारित विधेयक में पहले जनगणना और फिर परिसीमन का स्पष्ट प्रावधान था, लेकिन अचानक नया विधेयक लाना केंद्र सरकार की राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है।
वहीं ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि महिला आरक्षण के नाम पर “राजनीतिक खेल” खेलने की कोशिश नाकाम हो चुकी है और अब देश का राजनीतिक माहौल बदल रहा है।
प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष रमा खलखो ने कहा कि इस मुद्दे को लेकर राज्यभर में अभियान चलाया जाएगा और हर जिले में कार्यक्रम आयोजित कर केंद्र सरकार की नीतियों को उजागर किया जाएगा।
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा, मीडिया चेयरमैन सतीश पॉल मुंजनी, कार्यालय प्रभारी अभिलाष साहू और सह-कार्यालय प्रभारी राजन वर्मा भी मौजूद थे।



