कैंसर रिसर्च से कोर्टरूम तक भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा की राष्ट्रीय मंत्री मिस्फ़ीका हसन ने रचा इतिहास

गणादेश,रांची : पाकुड़ की बेटी और भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा की राष्ट्रीय मंत्री मिस्फ़ीका हसन ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए जिले का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन कर दिया है। बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने उन्हें स्थायी प्रैक्टिस प्रमाणपत्र प्रदान किया है, जिसके साथ अब वे देश के किसी भी न्यायालय में विधिवत वकालत कर सकेंगी।देश की कठिन परीक्षाओं में शामिल ऑल इंडिया बार परीक्षा में सफलता प्राप्त कर उन्होंने यह साबित किया है कि सीमित संसाधनों वाला क्षेत्र भी जब हौसले और मेहनत से लबरेज़ हो, तो वह राष्ट्रीय मंच तक पहुँच सकता है।

मिस्फ़ीका हसन बायोटेक्नोलॉजी विषय में कैंसर पर शोध कर चुकी हैं। वैज्ञानिक प्रयोगशाला से कानून की दुनिया में कदम रखना उनके साहस, दृढ़ संकल्प और बहुमुखी प्रतिभा का प्रमाण है।

उनका मानना है कि बीमारी से लड़ने के लिए विज्ञान जरूरी है, और अन्याय से लड़ने के लिए कानून।”

वर्तमान में भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा की राष्ट्रीय मंत्री के रूप में सक्रिय मिस्फ़ीका इससे पहले इलामी पंचायत की मुखिया भी रह चुकी हैं।

अपने कार्यकाल में उन्होंने शिक्षा को बढ़ावा दिया, स्वच्छता अभियानों को मजबूत किया,महिलाओं को स्वरोज़गार से जोड़ा। उनका नेतृत्व मॉडल ग्रामीण क्षेत्रों में महिला सशक्तिकरण का मजबूत उदाहरण माना जाता है।

स्थायी प्रैक्टिस प्रमाणपत्र मिलने पर उन्होंने कहा कि शिक्षा वह हथियार है जिससे इंसान अपनी तक़दीर खुद लिखता है। मेरी इच्छा है कि कानून हर गरीब और पीड़ित के लिए ढाल बने।”

युवतियों को संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि आपकी पहचान आपके हालात नहीं, आपकी हिम्मत तय करती है।”

 “राजनीति अगर सेवा से ज़्यादा सत्ता बन जाए, तो समाज पिछड़ जाता है।

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