भागलपुर पुलिस का ‘डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन’: ई-ऑफिस सिस्टम की ट्रेनिंग के साथ पेपरलेस युग की शुरुआत
भागलपुर। भागलपुर पुलिस प्रशासन ने गुरुवार को अपने कामकाज को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में बड़ी पहल की। समीक्षा भवन सभागार में आयोजित एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम ने संकेत दे दिया कि अब थानों और कार्यालयों में कागज़ों के ढेर की जगह कंप्यूटर स्क्रीन संभालेंगी।
कार्यक्रम में पटना स्थित सीआईडी मुख्यालय से आए प्रशिक्षक ने अधिकारियों को ई-ऑफिस प्रणाली के हर पहलू से रूबरू कराया। प्रशिक्षण में साइबर डीएसपी कनिष्क श्रीवास्तव, सिटी डीएसपी अजय चौधरी, जिले के सभी एसडीपीओ, कई थाना अध्यक्ष, निरीक्षक और अवर निरीक्षक मौजूद थे।
कैसे बदलेगा पुलिस विभाग का कामकाज?
प्रशिक्षक ने प्रोजेक्टर के जरिये समझाया कि ई-ऑफिस में फाइलें किस तरह तैयार होती हैं, ऑनलाइन कैसे भेजी और प्राप्त की जाती हैं, नोटशीट कैसे बनती है और दस्तावेजों को सुरक्षित रखने की तकनीक क्या है। अधिकारियों ने प्रशिक्षण के दौरान कई तकनीकी सवाल पूछे पासवर्ड सुरक्षा से लेकर फाइल ट्रैकिंग तक सभी समाधान दिए। इससे अधिकारियों का आत्मविश्वास बढ़ा और डिजिटल कार्यशैली को लेकर उत्साह साफ झलकता दिखा।
पेपरलेस सिस्टम के मुख्य फायदे
तेज फाइल निपटान: कागज़ी फाइलों की देरी खत्म, ऑनलाइन फाइलें मिनटों में आगे बढ़ सकेंगी। हर कार्रवाई का डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा। अधिकारी अपने सिस्टम से किसी भी फाइल की स्थिति तुरंत देख सकेंगे। दस्तावेज डिजिटल बैकअप में सुरक्षित रहेंगे, खोने या क्षतिग्रस्त होने की आशंका नहीं।
जल्द ही सभी कार्यालय होंगे डिजिटलकृत
साइबर डीएसपी कनिष्क श्रीवास्तव के अनुसार, ‘ई-ऑफिस लागू होने से कामकाज में न सिर्फ तेजी आएगी बल्कि पारदर्शिता और जवाबदेही भी बढ़ेगी। हमारा लक्ष्य है कि किसी भी स्तर पर देरी या गलतफहमी की गुंजाइश न रहे।’
आने वाले दिनों में जिले के सभी पुलिस कार्यालयों को ई-ऑफिस अनिवार्य रूप से अपनाना होगा। इससे भागलपुर पुलिस विभाग पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस वर्किंग के नए चरण में प्रवेश करेगा।



