नारी शक्ति वंदन अधिनियम का झारखंड की महिला उद्यमियों ने किया स्वागत
रांची: फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की महिला उद्यमियों ने केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नारी शक्ति वंदन अधिनियम का स्वागत किया है। शनिवार को चैंबर भवन में आयोजित परिचर्चा में महिला सशक्तिकरण, संसद और विधानसभा में महिलाओं के प्रस्तावित आरक्षण तथा इसके सामाजिक-आर्थिक प्रभावों पर विस्तृत चर्चा की गई।
कार्यक्रम में चैंबर की कार्यकारिणी सदस्य आस्था किरण, विनीता सिंघानिया, पूनम आनंद, सीए मनीषा बियानी, सीए श्रद्धा बागला, सीए साक्षी जैन, साहित्यकार पुष्पा सहाय, डॉ. सुमन दुबे, डॉ. रजनी चंदा शर्मा, कलाकार गार्गी मलकानी, अधिवक्ता डॉ. लावण्या मित्तल और मालती कुजूर सहित कई महिला उद्यमियों ने अपने विचार साझा किए।
पूनम आनंद ने कहा कि संसद में प्रस्तावित यह विधेयक महिलाओं को उचित प्रतिनिधित्व देने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने वाला निर्णय बताया। सीए मनीषा बियानी ने इसे वर्षों से प्रतीक्षित और परिवर्तनकारी पहल बताते हुए कहा कि इससे राजनीतिक व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव आएगा।
डॉ. सुमन दुबे ने इसे समावेशी (इन्क्लूसिव) विधेयक बताते हुए कहा कि देश को वैश्विक शक्ति बनाने में महिलाओं की भागीदारी अहम है। उन्होंने कहा कि इससे स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक विकास के क्षेत्रों में सुधार होगा। वहीं, सीए श्रद्धा बागला ने कहा कि 33 प्रतिशत आरक्षण से महिलाओं को सामाजिक मुद्दों पर प्रभावी भूमिका निभाने का अवसर मिलेगा।
सीए साक्षी जैन ने विकसित भारत के लक्ष्य में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी को जरूरी बताया। विनीता सिंघानिया ने कहा कि राजनीति में महिलाओं की बढ़ती हिस्सेदारी से जनप्रतिनिधित्व अधिक संवेदनशील और प्रभावी होगा। आस्था किरण ने इसे महिलाओं के समग्र सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी महिला उद्यमियों ने एक स्वर में विश्वास जताया कि इस अधिनियम के लागू होने से देश में महिला सशक्तिकरण को नई गति मिलेगी और सामाजिक-आर्थिक विकास को मजबूती मिलेगी।



