गोल इंस्टीट्यूट पर एफआईआर करने की घोषणा करने वाले पासवा अध्यक्ष आलोक दूबे खामोश क्यों हो गए…

रांची: नीट परीक्षा पास करने वाले छात्र सब्बीर अंसारी के मामले में गोल इंस्टीट्यूट के निदेशक विपिन सिंह पर फर्जीवाड़ा करने का आरोप लगाने वाले और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की बात करने वाले पासवा के प्रदेश अध्यक्ष आलोक दूबे अचानक खामोश हो गए। जबकि मीडिया में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आलोक दूबे ने गोल निदेशक विपिन सिंह पर फर्जीवाड़ा करने का आरोप लगाया था। साथ ही कहा था कि 48घंटे के अंदर एफआईआर दर्ज करूंगा।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आलोक दूबे ने कहा था कि गोल इंस्टीट्यूट नाॅन-स्कूलिंग करवाने की प्रवृत्ति रखता है, अभिभावकों पर दबाव डालकर बच्चों को जबरन “गोल विलेज” नामक हॉस्टल में रखा जाता है और उन्हें स्कूल जाने नहीं दिया जाता। मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेजों की सीमित सीटें हैं और पूरे भारत की सीटें सिर्फ रांची और राजधानी के कोचिंग संस्थान ही भर देते हैं।कोचिंग को व्यवसाय बनाकर झारखंड के आदिवासी, गरीब और भोले-भाले बच्चों का शोषण करना बड़ा गुनाह है और ऐसे संस्थानों को इसका खामियाजा भुगतना होगा।
आरोप लगाने के बाद अचानक आलोक दूबे का खामोश हो जाना समझ से परे है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *