रांची : किसानों और राशनकार्ड धारकों के लिए खुशखबरी — दिवाली से पहले मिलेगा विशेष तोहफ़ा, मंत्री इरफान अंसारी ने की बड़ी घोषणा
गणादेश,रांची : झारखंड सरकार के स्वास्थ्य एवं खाद्य आपूर्ति मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने शुक्रवार को कहा कि इस बार राज्य में किसानों से धान अधिप्राप्ति रिकॉर्ड स्तर पर हुई है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित किया है, जो अधिकारियों और कर्मचारियों की कड़ी मेहनत का नतीजा है। अब आगे से किसानों को धान बेचने के साथ ही तुरंत भुगतान किया जाएगा। मंत्री शुक्रवार को खाद्य आपूर्ति विभाग गोदाम में औचक निरीक्षण के बाद विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के बाद मीडिया से बात कर रहे थे।
मंत्री ने कहा कि दिवाली से पहले राज्य सरकार किसानों और आम जनता के लिए कई सौगातें लेकर आ रही है। सभी राशन कार्ड धारकों को 20 अक्टूबर से पहले मिठाई बनाने के लिए चीनी दी जाएगी। इसके साथ ही चावल और गेहूं का वितरण भी त्योहार से पहले पूरा कर लिया जाएगा।
डॉ. अंसारी ने बताया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार सोना सोबरन योजना के तहत सभी पात्र राशन कार्डधारकों को धोती और साड़ी देने जा रही है, ताकि गरीब परिवार भी त्योहार की खुशियों में शामिल हो सकें।
मंत्री ने कहा कि अब राज्य की सभी पीडीएस दुकानों में 2जी की जगह 4जी कियोस्क मशीनें लगाई जा रही हैं, जिससे वितरण व्यवस्था और अधिक पारदर्शी और तेज़ होगी। यह काम तीन महीनों के भीतर पूरा कर लिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि राशन कार्ड में नाम न होने की शिकायतों को दूर करने के लिए प्रत्येक जिले में 100 नए पात्र लोगों के नाम डीएसओ के माध्यम से जोड़े जाएंगे, ताकि गंभीर बीमारियों से ग्रस्त गरीब मरीजों को मुफ्त इलाज की सुविधा मिल सके।
डॉ. अंसारी ने बताया कि पलामू और गढ़वा में चावल गबन का मामला सामने आया है, जिसकी जांच के आदेश संबंधित डीसी को दे दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने झारखंड के छह लाख लाभुकों के नाम राशन कार्ड से हटाए हैं, लेकिन राज्य सरकार इस पर पुनर्विचार कर रही है। गलत तरीके से काटे गए नामों को फिर से जोड़ा जाएगा। अब तक सात लाख योग्य लाभुकों के नाम राशन कार्ड में जोड़े जा चुके हैं।
मंत्री ने यह भी बताया कि जल्द ही सभी लाभुकों को एक किलो चीनी, सरसों तेल और नमक उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए विभाग द्वारा निविदा प्रक्रिया शुरू की जा रही है।



