अब दिखेगा उजाला: जेएलएनएमसीएच में दो मरीजों को मिलेगा नई रोशनी का तोहफा
भागलपुर। जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल (जेएलएनएमसीएच) में पहली बार कॉर्निया प्रत्यारोपण की तैयारी पूरी हो रही है। इस ऐतिहासिक कदम से दो ऐसे मरीजों की वर्षों पुरानी आशा पूरी होने जा रही है, जो नेत्र रोग के कारण अपनी आंखों की रोशनी खो चुके थे।
नेत्र रोग विभाग के अनुसार, अस्पताल के नेत्र बैंक में फिलहाल 45 ऐसे मरीज हैं जिन्हें कॉर्निया की ज़रूरत है। इनमें से सबसे पहले पांच लोगों को प्राथमिकता दी गई है। इनकी जांच पूरी कर ली गई है और मंगलवार को इन्हें भर्ती किया जाएगा। बुधवार और गुरुवार को दो मरीजों को कॉर्निया प्रत्यारोपित किया जाएगा।
पहली बार मिला कॉर्निया, पहली बार होगा प्रत्यारोपण :
पिछले मंगलवार को एक व्यक्ति की मृत्यु के बाद विभाग को पहली बार कॉर्निया दान में मिला। यह पूर्वी बिहार के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण है, क्योंकि जेएलएनएमसीएच में पहली बार किसी मरीज में कॉर्निया प्रत्यारोपण किया जाएगा। यह प्रत्यारोपण उन मरीजों में किया जाएगा जिन्हें इसकी सबसे ज्यादा ज़रूरत है।
मशीन में खराबी, लेकिन उम्मीद बरकरार :
कॉर्निया की जांच करने वाली मशीन पिछले पांच साल से बंद थी। जब पहली बार कॉर्निया आया और उसकी जांच करनी पड़ी तो मशीन चालू नहीं हुई। विभाग ने तुरंत एजेंसी से संपर्क किया है और मंगलवार को इंजीनियर मशीन ठीक करेंगे। उसके बाद प्रत्यारोपण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
डॉक्टरों और स्टाफ में उत्साह :
जिले में पहली बार हो रहे इस नेत्र प्रत्यारोपण को लेकर अस्पताल के डॉक्टर, नर्स और पूरा स्टाफ काफी उत्साहित है। नेत्र विभाग की प्रमुख डॉ. पम्मी राय ने बताया कि अगर सब कुछ ठीक रहा, तो बुधवार और गुरुवार को प्रत्यारोपण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह न सिर्फ अस्पताल के लिए, बल्कि पूरे भागलपुर के लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी।



