08सितंबर सोमवार का राशिफल एवं पंचांग,पढ़िए आज आपके भाग्य में क्या अच्छा है…
मेष राशि : कोई अप्रिय समाचार मिल सकता है. विदेश यात्रा अथवा के संकेत मिल रहे हैं. सुरक्षा में लगे लोगों को साहस एवं पराक्रम के बल पर महत्वपूर्ण सफलता मिलेगी. नौकरी में अच्छे कार्य के लिए अपने उच्च अधिकारियों से सराहना प्राप्त होगी. राजनीति में संलग्न लोगों को कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिल सकती है. आर्थिक मामलों में सफलता मिलेगी. तबादला दूसरी जगह हो सकता हैं व्यापार में धैर्य पूर्वक अपने कार्यों में लगे रहे. अच्छी सफलता मिलने के संकेत प्राप्त हो रहे हैं. विद्यार्थी वर्ग को कोई शुभ समाचार मिल सकता है. खेती-बाड़ी के कार्यों में अत्यधिक स्थिति बनी रहेगी. खेलकूद प्रतियोगिता में कड़ा संघर्ष करने पर उच्च सफलता मिलेगी।* 🪶 उपाय :- नमक न खाएं. भक्ति भाव से श्री हनुमान चालीसा का पाठ करें. किसी रोगी व्यक्ति को दवा दान करें. लाल चंदन घिसकर नाभि वा जिव्हा पर लगाएं।
वृषभ राशि : अपनी समस्याओं को अधिक न बढ़ने दें. उनका तुरंत समाधान करने का प्रयास करें. इष्ट मित्रों के साथ साझेदारी में कोई काम ना करें. विद्यार्थी वर्ग की पढ़ाई के प्रति रुचि कम हो सकती है. रोजगार की तलाश पूरी होगी. कार्यक्षेत्र में कोई फेरबदल होने के संकेत प्राप्त हो रहे हैं. बौद्धिक कार्य में लोगों को महत्वपूर्ण सफलता मिलेगी. अपनी दया को कम न होने दें. क्रोध पर नियंत्रण रखें. नौकरी में पदोन्नति होने के संकेत मिल रहे हैं. कोर्ट कचहरी के मामले में आप बड़ी जीत पाएंगे. व्यापार में पिता से विशेष सहयोग मिलेगा. सामाजिक कार्यों में आपके नेतृत्व की प्रशंसा होगी. यात्रा करते समय अनजान व्यक्ति पर भरोसा घातक सिद्ध होगा।*
🪶 उपाय :- श्वेत रंग के कपड़े पहनने को प्राथमिकता दें।
कर्क राशि : किसी विरोधी व शत्रुओं से झगड़ा समाप्त हो जाएगा. और उनसे मेलजोल हो जाएगा. नए मित्रों से व्यापारिक संबंध शुरू हो सकते हैं. कार्यक्षेत्र में आपके कार्य अनुभव की सराहना होगी. लोग आपकी ओर आकर्षित होंगे. किसी महत्वपूर्ण कार्य में सफलता मिलने के योग बनेंगे. राजनीति में आपके महत्वपूर्ण भाषण की जनमानस में सराहना होगी. किसी अनचाही यात्रा पर जाना पड़ सकता है. नौकरी में अपने उच्च अधिकारी के प्रति सम्मान का भाव रखें. कार्य क्षेत्र में संयम एवं धैर्य पूर्वक अपना कार्य करें. किसी के बहकावे में न आएं. विद्यार्थी वर्ग को विद्या अध्ययन में आ रही बाधाएं समाप्त होगी. मजदूर वर्ग को मनचाहा कार्य करने को मिलेगा. परिवार में किसी मांगलिक कार्य के संपन्न होने के योग हैं।* 🪶 उपाय :- साबुत हल्दी की गांठ अपने तकिए के नीचे रखकर सोए।
सिंह राशि : सामाजिक कार्य व्यवहार में संयम पूर्वक आचरण करें. विरोधी पक्ष आपको नीचा दिखाने की कोशिश कर सकता है. इस संबंध में सावधानी बरतें. कार्यक्षेत्र में परिश्रम के बावजूद भी उस अनुपात में फल प्राप्त नहीं होगा. सहयोगी जनों से मतभेद हो सकते हैं. किसी के बहकावे में न आए. व्यवसाय के क्षेत्र में कार्यरत लोगों को नए आय स्रोतों पर ध्यान देने की आवश्यकता रहेगी. कार्य क्षेत्र में आ रही है परेशानियां कम होगी. सहकर्मियों के साथ सहयोगात्मक व्यवहार बढ़ाने की कोशिश करें. पहले से सोचे समझे कार्यों में सफलता प्राप्त होने की संभावना रहेगी. आपकी लंबी दूरी की यात्रा पर जाने के योग बनेंगे।*
🪶 उपाय :- पहली रोटी गाय और आखिरी रोटी कुत्ते को खिलाएं. अपने चरित्र को पवित्र रखें।
कन्या राशि : नौकरी में उच्च अधिकारियों से निकटता बढ़ेगी. व्यापार में पिता से सहयोग व सानिध्य प्राप्त होगा. किसी प्रियजन का दूर देश से समाचार मिलेगा. भूमि के कार्य विक्रय से लगे लोगों को कड़ी मेहनत के बाद बड़ी सफलता मिलेगी. नवीन उद्योग जल्दी की शुरुआत कर सकते हैं. किसी अधूरे कार्य के पूरे होने के से आपके साहस एवं मनोबल में वृद्धि होगी. किसी अनजान व्यक्ति पर अधिक भरोसा न करें. अन्यथा धोखा हो सकता है. राजनीति में आपकी विरोध थी आपके खिलाफ कोई षड्यंत्र रच सकते हैं. विदेश सेवा में संलग्न लोगों का नवीन दायित्व प्राप्त होंगे. समाज में आपको आपके द्वारा किए जा रहे हैं कार्यों के लिए सम्मानित किया जाएगा।* 🪶 उपाय :- बंदरों को गुड़ खिलाएं. दीमक को गेहूं, बाजरा डालें।
तुला राशि : कार्य क्षेत्र में संयम बनाकर रखें. विशेष रूप से सहयोग के साथ सामान्य तालमेल बिठाने की आवश्यकता रहेगी. विरोधी जनों के साथ अधिक तर्क वितर्क आदि से बचे. विरोधियों से सावधान रहें जब तक कार्य पूर्ण न हो जाए तब तक किसी के कार्य के संबंध में चर्चा न करें. अतिरिक्त परिश्रम से स्थितियों में सुधार होगा. जीविका के क्षेत्र में कार्यरत व्यक्तियों की व्यक्तिगत समस्याएं बढ़ सकती हैं. नौकरी में अपने कार्यों के प्रति अधिक ध्यान देने की आवश्यकता रहेगी. व्यवसाय के क्षेत्र में संलग्न लोगों को व्यापार में उन्नति प्राप्त होगी।*
🪶 उपाय :- चने की दाल तथा हल्दी दक्षिणा सहित मंदिर में दान करें।
वृश्चिक राशि : नौकरी में स्थान परिवर्तन के योग बनेंगे. राजनीति में विरोधी सक्रिय हो सकता है. आपको अपने विरोधियों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखनी चाहिए. मजदूर वर्ग को रोजगार प्राप्त होगा. किसी अनचाही यात्रा पर जाना पड़ सकता है. बहुराष्ट्र कंपनीयों में कार्यरत लोगों को नौकर चाकर का सुख बढ़ेगा. पारिवारिक समस्याओं का प्रभाव आपके कार्य क्षेत्र पर पड़ सकता है. उद्योग धंधे में विस्तार करने की आपकी इच्छा पूर्ण होगी. कोई सुखद समाचार प्राप्त होगा।_
🪶 उपाय :- मंगल यंत्र की पूजा करें. बंदरों को चीनी खिलाएं।
धनु राशि : बनते बनते कार्य में व्यवधान आएंगे. परिस्थितियां कुछ अनुकूल होने लगेंगे. अपनी भावनाओं को सही दिशा प्रदान करें. सगे संबंधियों के साथ आपसी मतभेद उभर सकते हैं. धार्मिक कृतियों में अभिरुचि बढ़ेगी. कार्यक्षेत्र में भाग दौड़ अत्यधिक बनी रहेगी. कार्य क्षेत्र में अत्यधिक व्यस्तता बढ़ सकती है. स्थान परिवर्तन हो सकता है. व्यवसाय के क्षेत्र में कार्यरत लोगों को भविष्य में लाभकारी संकेत प्राप्त होंगे. अपने अपनी योजनाओं का खुलासा न करें. अन्यथा कोई विरोधी अथवा गुप्त शत्रु आपकी योजनाओं को सफल करने का प्रयास करेगा. राजनीति में कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने से वर्चस्व स्थापित होगा. नौकरी में अधीनस्थ से निकटता बढ़ेगी।* 🪶 उपाय :- पीपल के पांच वृक्ष लगाकर उन्हें पालें. धर्म का आचरण करें।मकर राशि : कार्य क्षेत्र में अपनी वाणी पर संयम रखें. अन्यथा व्यर्थ वाद हो सकता है. पैतृक धन संपत्ति को लेकर परिवार में वाद विवाद झगड़े का रूप ले सकता है. आप अपनी सोच से पारिवारिक विवादों को शांत करने का प्रयास करें. नौकरी में आपका नवीन दायित्व मिलने के संकेत मिल रहे हैं. व्यापार में समयबद्ध तरीके से कार्य करें. सफलता अवश्य मिलेगी. राजनीति में आपके प्रभावपूर्ण भाषण शैली जन सम्मान देने में मदद करावेगी. रोजगार की तलाश में भटक रहे लोगों को रोजगार प्राप्त होगा. बहुराष्ट्रीय कंपनियों में कार्यरत लोगों को सफलता मिलने के योग बन रहे हैं. कार्य क्षेत्र में आपका वर्चस्व स्थापित होगा।
🪶 उपाय :- माता-पिता की मृत्यु के उपरांत यदि कष्ट हो तो घर में कहीं भी पत्थर लगाएं।
कुम्भ राशि : संतान सुख में वृद्धि होगी. किसी प्रतियोगी परीक्षा में सफल होंगे. विद्यार्थियों की अध्ययन में बाधा दूर होगी. किसी व्यापारिक मित्र से सहयोग एवं सानिध्य मिलेगा. पेंटिंग के कार्य में संलग्न लोगों को महत्वपूर्ण सफलता है. सम्मान मिलेगा. गायन के क्षेत्र में सक्रियता बढ़ेगी. किसी अधूरे कार्य के पूरे होने से उत्साह में वृद्धि होगी. बहुराष्ट्रीय कंपनीयों में कार्यरत लोगों को अपने बौद्धिक बल पर ही अपने कार्य में सफलता एवं सम्मान मिलेगा. फल सब्जी के कारोबार से जुड़े लोगों को बड़ा लाभ होगा. सामाजिक कार्य में अधिक व्यस्तता बनी रहेगी. किसी महत्वपूर्ण यात्रा पर जाने की योग बनेंगे. रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे. किसी प्रियजन का शुभ समाचार आएगा. कार्य क्षेत्र में आपकी प्रबंध शैली की चर्चा बनी रहेगी. लोग सरहाना करेंगे।*
🪶 उपाय :- श्री गणेश जी एवं माता सरस्वती की पूजा करें और पीले पुष्प अर्पित करें।
मीन राशि : कार्य क्षेत्र में सफलता मिलेगी. किसी वरिष्ठ व्यक्ति का मार्गदर्शन व सानिध्य प्राप्त होगा. बेरोजगार को रोजगार मिलेगा. किसी व्यापारिक सहयोगियों के साथ अकारण आपका व्यापार गति पकड़ेगा. पिता से सहयोग एवं सानिध्य मिलेगा. कोर्ट कचहरी के मामले में सफलता मिलेगी. बहुराष्ट्रीय कंपनियों में कार्यरत लोगो को. विदेश यात्रा अथवा लंबी दूरी की यात्रा पर जाना पड़ सकता है. राजनीति में आपके विरोधी परस्त हो जाएंगे. साहसिक एवं जोखिम पूर्ण कार्य करने वालों को महत्वपूर्ण सफलता मिलेगी. आपके साहस एवं पराक्रम की कार्यक्षेत्र एवं समाज में सराहना होगी।* 🪶 *उपाय :- कौओं को रोटी डालें. शराब एवं मांस का सेवन न करें।
*🌞 ll~ वैदिक पंचांग ~ll 🌞*
🌤️ दिनांक – 08 सितम्बर 2025
🌤️ दिन – सोमवार
🌤️ विक्रम संवत 2082
🌤️ शक संवत -1947
🌤️ अयन – दक्षिणायन
🌤️ ऋतु – शरद ॠतु
🌤️ मास – आश्विन
🌤️ पक्ष – कृष्ण
🌤️ तिथि – प्रतिपदा रात्रि 09:11 तक तत्पश्चात द्वितीया
🌤️ नक्षत्र – पूर्वभाद्रपद रात्रि 08:02 तक तत्पश्चात उत्तरभाद्रपद
🌤️ योग – धृति सुबह 06:30 तक तत्पश्चात शूल
🌤️ राहुकाल – सुबह 07:57 से सुबह 09:30 तक
🌤️ सूर्योदय – 05:44
🌤️ सूर्यास्त – 07:09
👉 दिशाशूल – पूर्व दिशा मे
🚩 व्रत पर्व विवरण – प्रतिपदा का श्राद्ध,पंचक
💥 विशेष – प्रतिपदा को कूष्माण्ड (कुम्हड़ा पेठा) न खाएं क्योकि यह धन का नाश करने वाला है (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)
👉🏻 श्राद्ध पक्ष मे इस तरह भोजन कराने से पित्रो को प्राप्त होता है⤵️
🌷 श्राद्ध में पालने योग्य नियम 🌷
➡ 07 सितम्बर 2025 रविवार से महालय श्राद्ध आरम्भ हो गया है ।
🙏🏻 श्रद्धा और मंत्र के मेल से पितरों की तृप्ति के निमित्त जो विधि होती है उसे ‘श्राद्ध’ कहते हैं।
🙏🏻 हमारे जिन संबंधियों का देहावसान हो गया है, जिनको दूसरा शरीर नहीं मिला है वे पितृलोक में अथवा इधर-उधर विचरण करते हैं, उनके लिए पिण्डदान किया जाता है।
बच्चों एवं संन्यासियों के लिए पिण्डदान नहीं किया जाता।
🙏🏻 विचारशील पुरुष को चाहिए कि जिस दिन श्राद्ध करना हो उससे एक दिन पूर्व ही संयमी, श्रेष्ठ ब्राह्मणों को निमंत्रण दे दे। परंतु श्राद्ध के दिन कोई अनिमंत्रित तपस्वी ब्राह्मण घर पर पधारें तो उन्हें भी भोजन कराना चाहिए।
🙏🏻 भोजन के लिए उपस्थित अन्न अत्यंत मधुर, भोजनकर्ता की इच्छा के अनुसार तथा अच्छी प्रकार सिद्ध किया हुआ होना चाहिए। पात्रों में भोजन रखकर श्राद्धकर्ता को अत्यंत सुंदर एवं मधुर वाणी से कहना चाहिए कि ‘हे महानुभावो ! अब आप लोग अपनी इच्छा के अनुसार भोजन करें।’
🙏🏻 श्रद्धायुक्त व्यक्तियों द्वारा नाम और गोत्र का उच्चारण करके दिया हुआ अन्न पितृगण को वे जैसे आहार के योग्य होते हैं वैसा ही होकर मिलता है। (विष्णु पुराणः 3.16,16)
🙏🏻 श्राद्धकाल में शरीर, द्रव्य, स्त्री, भूमि, मन, मंत्र और ब्राह्मण-ये सात चीजें विशेष शुद्ध होनी चाहिए।
🙏🏻 श्राद्ध में तीन बातों को ध्यान में रखना चाहिएः शुद्धि, अक्रोध और अत्वरा (जल्दबाजी नही करना)।
श्राद्ध में मंत्र का बड़ा महत्त्व है। श्राद्ध में आपके द्वारा दी गयी वस्तु कितनी भी मूल्यवान क्यों न हो, लेकिन आपके द्वारा यदि मंत्र का उच्चारण ठीक न हो तो काम अस्त-व्यस्त हो जाता है। मंत्रोच्चारण शुद्ध होना चाहिए और जिसके निमित्त श्राद्ध करते हों उसके नाम का उच्चारण भी शुद्ध करना चाहिए।
जिनकी देहावसना-तिथि का पता नहीं है, उनका श्राद्ध अमावस्या के दिन करना चाहिए।
🙏🏻 हिन्दुओं में जब पत्नी संसार से जाती है तो पति को हाथ जोड़कर कहती हैः ‘मुझसे कुछ अपराध हो गया हो तो क्षमा करना और मेरी सदगति के लिए आप प्रार्थना करना।’ अगर पति जाता है तो हाथ जोड़ते हुए पत्नी से कहता हैः ‘जाने-अनजाने में तेरे साथ मैंने कभी कठोर व्यवहार किया हो तो तू मुझे क्षमा कर देना और मेरी सदगति के लिए प्रार्थना करना।’
🙏🏻 हम एक दूसरे की सदगति के लिए जीते जी भी सोचते हैं, मरते समय भी सोचते हैं और मरने के बाद भी सोचते हैं।
🙏🏻 क्या करें क्या न करें पुस्तक से
🌷 श्राद्ध सम्बन्धी बातें 🌷
➡ श्राद्ध कर्म करते समय जो श्राद्ध का भोजन कराया जाता है, तो ११.३६ से १२.२४ तक उत्तम काल होता है l
➡ गया, पुष्कर, प्रयाग और हरिद्वार में श्राद्ध करना श्रेष्ठ माना गया है l
➡ गौशाला में, देवालय में और नदी तट पर श्राद्ध करना श्रेष्ठ माना गया है l
➡ सोना, चांदी, तांबा और कांसे के बर्तन में अथवा पलाश के पत्तल में भोजन करना-कराना अति उत्तम माना गया है l लोहा, मिटटी आदि के बर्तन काम में नहीं लाने चाहिए l
➡ श्राद्ध के समय अक्रोध रहना, जल्दबाजी न करना और बड़े लोगों को या बहुत लोगों को श्राद्ध में सम्मिलित नहीं करना चाहिए, नहीं तो इधर-उधर ध्यान बंट जायेगा, तो जिनके प्रति श्राद्ध सद्भावना और सत उद्देश्य से जो श्राद्ध करना चाहिए, वो फिर दिखावे के उद्देश्य में सामान्य कर्म हो जाता है l
➡ सफ़ेद सुगन्धित पुष्प श्राद्ध कर्म में काम में लाने चाहिए l लाल, काले फूलों का त्याग करना चाहिए l अति मादक गंध वाले फूल अथवा सुगंध हीन फूल श्राद्ध कर्म में काम में नहीं लाये जाते हैं l
🌞 ~ *पंचांग* ~ 🌞
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