यूजीसी एक्ट के विरोध में रांची के पिस्का मोड़ पर मशाल जुलूस, छात्रों-युवाओं का उग्र प्रदर्शन
रांची :केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए यूजीसी एक्ट के विरोध में देशभर में छात्रों और युवाओं का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में बुधवार को राजधानी रांची के पिस्का मोड़ क्षेत्र में सैकड़ों की संख्या में छात्र-छात्राओं एवं युवाओं ने मशाल जुलूस निकालकर केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। यह मशाल जुलूस लकड़ी ताल से शुरू होकर पिस्का मोड़ तक शांतिपूर्ण, अनुशासित और लोकतांत्रिक तरीके से संपन्न हुआ।
मशाल जुलूस की अगुवाई छात्र नेता गौरव सिंह, छात्र नेता बंटी सिंह, नेता गौरव आनंद एवं युवा नेता अभिनव तिवारी ने संयुक्त रूप से की। जुलूस के दौरान प्रदर्शनकारियों ने हाथों में जलती मशालें और तख्तियां लेकर यूजीसी एक्ट के खिलाफ नारे लगाए और इसे छात्र हितों के खिलाफ बताया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कॉलेज और विश्वविद्यालय के छात्र शामिल हुए, जिससे क्षेत्र में काफी देर तक माहौल गर्माया रहा।
नेताओं ने अपने संबोधन में कहा कि यूजीसी एक्ट वर्तमान शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने वाला है और इससे छात्रों के भविष्य पर गंभीर असर पड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कानून शिक्षा के निजीकरण को बढ़ावा देता है और आम व गरीब वर्ग के छात्रों के लिए उच्च शिक्षा को और कठिन बना देगा। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार से इस एक्ट को तत्काल वापस लेने या इसमें व्यापक संशोधन करने की मांग की।
छात्र नेता गौरव सिंह ने कहा कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक दल के पक्ष या विपक्ष में नहीं, बल्कि छात्रों के अधिकारों और शिक्षा व्यवस्था की रक्षा के लिए है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने छात्रों की मांगों को नजरअंदाज किया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा और संसद से लेकर प्रधानमंत्री आवास तक लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराया जाएगा।
मशाल जुलूस के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई और कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। स्थानीय लोगों ने भी इस आंदोलन को समर्थन दिया। आयोजकों ने स्पष्ट किया कि जब तक छात्र हितों की अनदेखी होती रहेगी, तब तक उनका शांतिपूर्ण संघर्ष जारी रहेगा।



