दिल्ली दरबार में झारखंड कांग्रेस के मंत्री-विधायक, आलाकमान के साथ अहम बैठक, मिला संगठन मजबूत करने का टास्क

रांची : झारखंड कांग्रेस के भीतर मंत्री, विधायक और कार्यकर्ताओं के बीच उभर रहे असंतोष को दूर करने के लिए कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व सक्रिय हो गया है। इसी कड़ी में कांग्रेस आलाकमान ने झारखंड कांग्रेस कोटे के सभी मंत्रियों और विधायकों को दिल्ली तलब किया। बुधवार को नई दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल की मौजूदगी में एक अहम बैठक आयोजित की गई।
बैठक में झारखंड की राजनीतिक स्थिति, संगठन सृजन, सरकार और संगठन के बीच बेहतर समन्वय, साथ ही मनरेगा के नाम बदलने को लेकर चल रहे आंदोलन सहित कई अहम मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। कांग्रेस आलाकमान ने मंत्रियों और विधायकों को स्पष्ट निर्देश दिया कि संगठन को मजबूत करना प्राथमिकता होनी चाहिए और सरकार के साथ तालमेल बनाकर काम किया जाए।
सूत्रों के अनुसार, बैठक में कांग्रेस के पांच नाराज विधायकों ने भी अपनी बात खुलकर रखी। विधायकों ने आरोप लगाया कि सरकार में शामिल कुछ मंत्री उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लेते और कार्यकर्ताओं की भावनाओं की अनदेखी की जा रही है। संगठनात्मक स्तर पर कई समस्याओं और समन्वय की कमी का भी उल्लेख किया गया।
बैठक के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलेश केशव महतो ने मीडिया से बातचीत में कहा कि बैठक में सभी मुद्दों पर सकारात्मक मंथन हुआ है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी के भीतर किसी तरह का गंभीर असंतोष नहीं है। मनरेगा को लेकर आयोजित ‘लोग भवन मार्च’ की जानकारी भी शीर्ष नेतृत्व को दी गई है।
प्रदेश अध्यक्ष ने विधायकों की नाराजगी की खबरों को मीडिया की मनगढ़ंत रिपोर्ट बताते हुए खारिज किया और कहा कि कांग्रेस में सब कुछ ठीक है। सभी नेता एकजुट होकर काम कर रहे हैं और इसका परिणाम भी सामने आ रहा है। संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल है।
बैठक में प्रदेश प्रभारी, राज्य के मंत्री राधाकृष्ण किशोर, दीपिका पांडेय सिंह, डॉ. इरफान अंसारी, शिल्पी नेहा तिर्की, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर, विधायक दल नेता प्रदीप यादव, राजेश कच्छप, सुखदेव भगत, कालीचरण मुंडा और प्रदीप बालमुचू सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

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