पीएम मोदी के मणिपुर जाने पर झामुमो का हमला, कहा–चुनाव देखकर करते हैं यात्राएं

रांची : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मणिपुर दौरे को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने कड़ा प्रहार किया है। रविवार को पार्टी कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में झामुमो के केंद्रीय महासचिव सह प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि जब मणिपुर जल रहा था और वहां निर्दोष लोग हिंसा की भेंट चढ़ रहे थे, उस वक्त प्रधानमंत्री मोदी ने चुप्पी साधे रखी और मणिपुर नहीं गए। लेकिन जैसे ही विधानसभा चुनाव करीब आया, अचानक प्रधानमंत्री को मणिपुर की याद आ गई और वे वहां पहुंचकर घोषणाओं की झड़ी लगाने लगे।

भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि मणिपुर की जातीय हिंसा ने देश को झकझोर कर रख दिया था। इस हिंसा में 960 लोगों की मौत हुई, हजारों लोग घायल हुए और दस हजार से अधिक घर आग के हवाले कर दिए गए। आज भी पचास हजार से अधिक लोग राहत शिविरों में जिंदगी गुजारने को मजबूर हैं। इसके बावजूद प्रधानमंत्री को मणिपुर जाने में 870 दिन यानी 29 महीने लग गए। इस दौरान उन्होंने 44 देशों की यात्रा कर ली, लेकिन मणिपुर की जनता तक नहीं पहुंचे।

झामुमो नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री ने अब चुनावी मंच से सात हजार पक्के मकान बनाने की घोषणा की है। यह पैसा मोदी का नहीं बल्कि देश की जनता का है। उन्होंने याद दिलाया कि 2024 में हालात इतने बिगड़े कि वहां के मुख्यमंत्री को इस्तीफा तक देना पड़ा, लेकिन उस वक्त भी प्रधानमंत्री ने एक शब्द नहीं कहा। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बावजूद मुख्यमंत्री का इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया।

भट्टाचार्य ने व्यंग्य करते हुए कहा कि जहां-जहां चुनाव होते हैं, वहां प्रधानमंत्री मोदी जरूर पहुंचते हैं। मणिपुर का यह दौरा भी उसी कड़ी का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि 17 सितंबर को प्रधानमंत्री बिहार भी आने वाले हैं, क्योंकि वहां भी चुनाव है।

झामुमो प्रवक्ता ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री बांटने की राजनीति करते हैं—कभी धर्म के आधार पर, तो कभी जाति के आधार पर। जबकि झारखंड की जनता भाजपा के इन हथकंडों को भलीभांति समझ चुकी है और इनके बहकावे में आने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि झारखंड में हेमंत सोरेन की सरकार सभी समुदायों को साथ लेकर चल रही है और यही इसकी असली ताकत है।

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