पंचायत सहायकों ने पांच सूत्री मांगों को लेकर लोकभवन के समक्ष किया धरना-प्रदर्शन, कैबिनेट से पारित करने की अपील
रांची: झारखण्ड राज्य पंचायत सहायक संघ ने राज्य सरकार के समक्ष अपनी पांच सूत्री मांगों को लेकर मंगलवार को रांची में लोकभावन के समक्ष धरना प्रदर्शन किया।संघ के अध्यक्ष मिथुन कुमार यादव,प्रदेश सचिव बलदेव करमाली,कोषाध्यक्ष अकबर अंसारी ने कहा कि हमलोग बार बार राज्य सरकार से याचना करते हैं लेकिन हर बार सिर्फ ओर सिर्फ आश्वासन मिलता है। इस बार हमलोगों को आश्वासन नहीं मानें पूरी होने की गारंटी चाहिए। पांच सूत्री मांगों को कैबिनेट से पारित कराने की अपील की है। संघ ने कहा है कि पंचायत सहायक वर्ष 2016 से अत्यंत कम प्रोत्साहन राशि पर पंचायतों में सेवाएँ दे रहे हैं, जिससे वर्तमान महँगाई के दौर में परिवार का भरण–पोषण करना बेहद कठिन हो गया है।
संघ की प्रमुख माँगों में पंचायत सहायकों को प्रतिमाह ₹2500 की प्रोत्साहन राशि के स्थान पर न्यूनतम वेतनमान ₹20,000 दिए जाने, लगभग दस वर्षों की सेवा को देखते हुए स्थायी सेवा नियमावली के तहत स्थायीकरण कर सरकारी कर्मी का दर्जा देने, तथा प्रतिवर्ष ग्राम सभा अनुमोदन की प्रक्रिया समाप्त करने की माँग शामिल है। इसके साथ ही पंचायत स्तर के सरकारी पदों—जैसे पंचायत सचिव व राजस्व कर्मचारी—की बहाली में पंचायत सहायकों को 80 प्रतिशत आरक्षण देने की माँग भी की गई है।
संघ ने पंचायत सहायकों के लिए गंभीर बीमारी व दुर्घटना की स्थिति में निःशुल्क इलाज तथा मृत्यु पर उनके आश्रितों को ₹10 लाख की बीमा राशि देने की भी माँग रखी है। साथ ही पंचायत सहायकों के लिए पारदर्शी, जवाबदेह एवं वैध मॉनिटरिंग आयोग के गठन और लंबित सभी प्रकार की प्रोत्साहन राशि के शीघ्र भुगतान की मांग की गई है।
संघ का कहना है कि पंचायत सहायक राज्य सरकार की योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुँचाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं, बावजूद इसके उनकी आर्थिक स्थिति दयनीय बनी हुई है। पंचायत सहायकों ने सरकार से सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए उनकी माँगों को जल्द से जल्द कैबिनेट से पारित कराने का आग्रह किया।



