मानसून सत्र के पहले दिन जेपीएससी मुद्दे पर गरमाई सियासत, सदन के बाहर NDA का प्रदर्शन, कांग्रेस का पलटवार
रांची: झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के प्रथम दिन जेपीएससी परीक्षा में कथित अनियमितताओं और छात्र आंदोलन का मुद्दा विधानसभा परिसर में प्रमुखता से छाया रहा। सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले एनडीए के विधायकों ने विधानसभा के बाहर प्रदर्शन करते हुए जेपीएससी परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ियों की सीबीआई जांच कराने की मांग उठाई। विपक्षी विधायकों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए छात्रों की मांगों का समर्थन किया और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
वहीं, सत्ता पक्ष की ओर से कांग्रेस नेताओं और मंत्रियों ने भाजपा पर छात्र आंदोलन को राजनीतिक रूप से भुनाने और उसे “हाइजैक” करने का आरोप लगाया। कांग्रेस का कहना है कि जेपीएससी में अनियमितताओं की शुरुआत बाबूलाल मरांडी के मुख्यमंत्री रहते हुए हुई थी, इसलिए भाजपा को इस मुद्दे पर राजनीति करने के बजाय अपने कार्यकाल का भी जवाब देना चाहिए।
कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन छात्रों की समस्याओं के प्रति गंभीर और संवेदनशील हैं। सरकार ने आंदोलनरत छात्रों को वार्ता का प्रस्ताव दिया है और उम्मीद जताई है कि बातचीत के माध्यम से समाधान निकलेगा तथा छात्रों का आंदोलन जल्द समाप्त होगा।
जेपीएससी का मुद्दा विधानसभा के पहले ही दिन सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी राजनीतिक बहस का कारण बना। माना जा रहा है कि मानसून सत्र के दौरान यह मुद्दा लगातार सदन के भीतर और बाहर गरमाया रहेगा।

