अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सेंट जोसेफ स्कूल पकड़तल्ला की योग शिक्षिका कनुप्रिया से गणादेश की खास बातचीत

प्रदीप विद्रोही,भागलपुर। योग जीवन जीने की एक कला है। योग का शाब्दिक अर्थ होता है जोड़ना। मन का मस्तिष्क से स्थूल शरीर का सूक्ष्म शरीर से जिसमें योग के ये चार स्तंभ आसान प्रणायाम मुद्रा एंव बंध सहायक होते हैं। योग शिक्षिका कनुप्रिया ने बताया कि योग से व्यक्ति का शारीरिक मानसिक एंव आध्यात्मिक विकास होता है।आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में योग की महत्ता बढ़ती जा रही है।बच्चों में भी इन दिनों योग को लेकर काफी दिलचस्पी बढ़ी है।बच्चे परीक्षा फीवर के तनाव से से बचने के लिए योगाभ्यास की विभिन्न क्रियाओं को कर न सिर्फ रिलेक्स हो रहे है बल्कि उनके पढ़ने व स्मरण करने की शक्ति में भी इजाफा हो रहा है।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2025 की थीम “योगा फाॅर वन अर्थ,वन हेल्थ”है।यह थीम “एक पृथ्वी,एक स्वास्थ्य के वैश्विक विचार को बढ़ावा देती है… जिसका अर्थ है कि स्वास्थ्य और टिकाऊ भविष्य के लिए हमारे ग्रह और हम सभी की सेहत आपस में जुडें है।योग न केवल भारतीय संस्कृति की धरोहर है बल्कि यह आत्मिक संतुलन,मानसिक शांति और शारीरिक सुदृढ़ता का अद्वितीय मार्ग भी है।आइए हम सब मिलकर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के शुभ अवसर पर एक पृथ्वी एक स्वास्थ्य के संकल्प के साथ योगाभ्यास करें साथ ही तन मन और आत्मा को को संतुलित करने वाली इस अद्भूत भारतीय विद्या का अनुभव हमेशा उर्जा और शांति देता रहे इस आशय और विश्वास के साथ योग को अपने जीवन का एक अभिन्न अंग बनाए।एक बार फिर से आप सबों को मैं हृदय से अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं व बधाई देती हूं।

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