भागवत कथा श्रवण पुण्य दायक व लाभकारी :दयानंद शास्त्री

पटना/आरा। भोजपुर जिले के चरपोखरी प्रखंड के श्री तोताद्रि लक्ष्मी नारायण मंदिर सोनबरसा धाम में चल रहे श्री त्रेडंडी स्वामी जी महाराज के 38 वे पुण्यस्मृति में आयोजित श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ व भागवत कथा का आयोजन!अनंत विभूषित महाराज स्वामी रंगनाथाचार्य जी महाराज के मंगला अनुशासन में किया गया है! जहां की इस व्यास पीठ पर आए हुए अंतरराष्ट्रीय कथावाचक श्री राम पंचायती मंदिर संगरिया राजस्थान के पीठाधीश्वर स्वामी दयानंद शास्त्री जी महाराज ने व्यास पीठ से प्रवचन करते हुए कहा कि श्रीमद् भागवत महापुराण हिंदू धर्म के प्रमुख पुराणों में से एक है। इसका श्रवण करना अत्यंत पुण्य दायक व लाभकारी माना गया है।इस कथा के श्रवण से मन को शांति व सकारात्मकता मिलती है।वहीं भागवत कथा के श्रवण से मन शांत हो जाता है। इंसान के अंदर तनाव कम होता है। जीवन में सकारात्मक सोच विकसित होती है। इस श्रीमद् भागवत कथा के सुनने से इंसान के अंदर भगवान के प्रति भक्ति बढ़ती है।  इसके माध्यम से पापों का नाश व पुण्य की प्राप्ति की जा सकती है। इंसान को सच्चे मन से भागवत कथा सुनने से पुराने पाप नष्ट हो जाते हैं। उनको पुण्य का लाभ मिलता है। इसलिए मनुष्य को भागवत कथा जरूर सुननी चाहिए। कथा में जीवन के दुखों से मुक्ति के मार्ग के अलावे जीवन के सत्य कर्म व धर्म के सिद्धांत को अपनाने की जरूरत है। इससे मनुष्य को दुखों से निकलने का रास्ता मिलता है।  सीधे मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। नियमित रूप से श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण करने से इंसान को जन्म मरण के चक्र से मुक्ति मिल जाती है। ऐसा माना जाता है कि भगवान श्री कृष्ण के जीवन लीला व उपदेश सुनने से भक्ति का भाव और गहरा होता है।वहीं सीधे तौर पर हमारा जुड़ाव ईश्वर से बढ़ जाता है। इसलिए सभी लोगों को श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण जरूर करना चाहिए।इस कथा को सुनने के लिए आसपास के दर्जनों गांव के हजारों लोग हर रोज कथा पंडाल में पहुंच रहे हैं। जहां की भक्तों के बीच प्रसाद का वितरण किया जा रहा है। वही हर रोज भंडारे का आयोजन किया गया है। यह आयोजन आगामी 9 अप्रैल तक चलेगा। जिसमें हर दिन धार्मिक अनुष्ठान से लेकर के कथा प्रवचन भी शामिल है। इस आशय की जानकारी आयोजन समिति के मीडिया प्रभारी चंदन कुमार ने दी।

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