रामकृष्ण मिशन आश्रम में अखंड रामचरितमानस पाठ सम्पन्न

रांची : रामकृष्ण मिशन के अंतर्गत रामकृष्ण मिशन आश्रम मोराबादी में प्रतिवर्ष की भाँति इस वर्ष भी अखंड रामचरितमानस पाठ का पावन आयोजन अत्यंत श्रद्धा, भक्ति एवं आध्यात्मिक गरिमा के साथ सम्पन्न हुआ।
यह दिव्य अनुष्ठान दिनांक 4 अप्रैल 2026 को अपराह्न 4 बजे प्रारम्भ होकर 5 अप्रैल 2026 को अपराह्न 4 बजे तक अखंड रूप से सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम के प्रारम्भ में आश्रम के सचिव पूज्य स्वामी भवेशानंद जी महाराज ने सभी आगन्तुक अतिथियों, श्रद्धालुओं एवं रामभक्तों का हार्दिक स्वागत एवं अभिनन्दन किया। अपने स्वागत प्रवचन में उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को ईश्वर का नाम सतत स्मरण करना चाहिए तथा जीवन में मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम के आदर्श गुणों को धारण करने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने सभी आगंतुकों- भक्तों को इस प्रकार के परम पवित्र आयोजन से लाभान्वित किया।
इस अवसर पर अयोध्या से पधारे श्रद्धेय श्री दया स्वामी जी ने अपने भावपूर्ण, मधुर एवं भक्तिमय कंठस्वर से मानस पाठ कर उपस्थित जनसमुदाय को भाव-विभोर कर दिया। अपने संक्षिप्त प्रवचन में उन्होंने आश्रम के सचिव स्वामी भवेशानंद जी महाराज के प्रयासों की सराहना करते हुए सभी श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक जीवन अपनाने तथा भगवान श्रीराम के आदर्शों पर चलने का आह्वान किया।
साथ ही, राहे आश्रम से अपनी टीम सहित पधारे स्वामी सुशीलानंद जी ने निरंतर दिवा-रात्रि मानस पाठ कर कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। समापन समारोह के अवसर पर उन्होंने ‘नाम महिमा’ का मार्मिक वर्णन करते हुए एक प्रसंग के माध्यम से यह स्पष्ट किया कि किस प्रकार एक साधु ने एक नास्तिक के मुख से ‘राम’ नाम का उच्चारण कराकर उसके जीवन में आध्यात्मिक जागरण उत्पन्न किया। उन्होंने सभी को भगवान के नाम-स्मरण के महत्व को अपनाने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम के दौरान गदाधर अभ्युदय प्रकल्प, जो कि आश्रम द्वारा संचालित है, के छात्र-छात्राओं ने अपने मधुर कंठ से रामचरितमानस का सुमधुर गायन प्रस्तुत किया। उनका भावपूर्ण प्रस्तुतीकरण ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो प्राचीन काल में अरण्य स्थित ब्रह्मचारी एवं ब्रह्मचारिणियाँ वेद-पुराणों का पाठ कर रहे हों, जिससे समूचा वातावरण भक्तिरस से सराबोर हो उठा।
उद्घाटन समारोह में सह सचिव स्वामी अंतरानंद जी, स्वामी भक्तिसानंद जी, ब्रह्मचारी राजू महाराज तथा स्वामी सुखमयानंद जी महाराज सहित अनेक संत-महात्माओं की गरिमामयी उपस्थिति रही।
सभी संतों एवं श्रद्धालुओं के समर्पित सहयोग से यह पावन मानस पर्व सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम के सुचारु संचालन एवं व्यवस्था में श्री निशांत जी एवं भक्त अरविंद जी का विशेष योगदान सराहनीय रहा।
अंत में धन्यवाद ज्ञापन श्री विनय कुमार गाद्यायन जी द्वारा किया गया।

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