खूंटी में नेतृत्व प्रशिक्षण कार्यक्रम, जिला परिषद अध्यक्ष मसीह गुड़िया से मिले 11 राज्यों के प्रशिक्षु
खूंटी : बुधवार को “ढिशुम द लीडरशिप स्कूल” के 11 राज्यों से आए 25 प्रशिक्षु जिला परिषद अध्यक्ष मसीह गुड़िया से मुलाकात करने पहुंचे। यह संस्था युवाओं को नैतिक, पारदर्शी और सेवाभावी राजनीति के लिए तैयार करने का कार्य करती है।
इस दौरान जिला परिषद अध्यक्ष मसीह गुड़िया ने सभी प्रशिक्षुओं को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया और उन्हें पंचायती राज व्यवस्था, 15वें वित्त आयोग (फाइनेंस), सीएसआर फंड तथा डीएमएफटी फंड से संबंधित विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि “किस्मत हमारी तकदीर जरूर बदल सकती है, लेकिन असली सफलता मेहनत से ही मिलती है।”
कार्यक्रम के बाद सभी प्रशिक्षु कोयल-कारो जन संगठन के अध्यक्ष सोमा मुंडा से भी मिले। इस दौरान सोमा मुंडा ने कोयल-कारो आंदोलन की पृष्ठभूमि और उसके संघर्ष की कहानी साझा की। उन्होंने बताया कि जन संगठन के मजबूत प्रयासों के कारण कोयल-कारो परियोजना को बंद कराया गया, जो आदिवासियों की जमीन, संस्कृति और अस्तित्व से जुड़ा मुद्दा था।
सोमा मुंडा ने जानकारी दी कि आज़ाद भारत की प्रारंभिक पंचवर्षीय योजनाओं में कोयल-कारो परियोजना शामिल थी, जिसकी उत्पादन क्षमता लगभग 710 मेगावाट बिजली की थी। उन्होंने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य विकास का विरोध करना नहीं, बल्कि आदिवासी समाज के हितों और पहचान की रक्षा करना था। “हम विकास विरोधी नहीं, बल्कि विकास प्रेमी हैं,” उन्होंने स्पष्ट किया।
कार्यक्रम के माध्यम से प्रशिक्षुओं को नेतृत्व, जनसंगठन और जनआंदोलन की महत्वपूर्ण सीख मिली।



