95 लाख की बंदरबांट! पीरपैंती में बिना काम के उड़ाए गए सरकारी पैसे, मुखिया और सचिव गिरफ्तार
भागलपुर। ना सड़क बनी, ना नाला खुदा – फिर भी उड़ गए 95 लाख रुपये! जिले के पीरपैंती प्रखंड के हरिणकोल पंचायत में सरकारी धन के दुरुपयोग का बड़ा मामला सामने आया है, जहां विकास योजनाओं का विकास सिर्फ कागज़ों पर हुआ। असल ज़मीनी हकीकत में न तो कोई ईंट लगी, न सीमेंट घुला – लेकिन खाते से रुपये ऐसे गायब हुए जैसे गली से धुआं।शनिवार को डीएसपी टू डॉ. अर्जुन कुमार गुप्ता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस घोटाले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि हरिणकोल पंचायत के मुखिया दीपक कुमार सिंह और सेवा-नियोजित पंचायत सचिव खगेंद्र पासवान को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह कार्रवाई विशेष जांच टीम ने की।कैसे खुली पोल? षष्ठम वित्त आयोग की राशि के तहत परसुरामपुर, रोशनपुर, हरिणकोल और बाबूपुर पंचायतों में सड़क और नाला निर्माण के नाम पर लगभग 95 लाख 6 हज़ार 200 रुपये निकाल लिए गए। लेकिन जब ज़मीनी जांच हुई, तो न कोई निर्माण स्थल मिला, न योजना की परछाई। जब पटना से जांच टीम आई और दस्तावेज़ मांगे, तो अधिकारी बन गए गूंगे-बहरों की तरह। कोई भी वैध कागज़ प्रस्तुत नहीं किया गया।
अब जेल की हवा खाएंगे
डीएसपी गुप्ता ने बताया कि मामले में गबन, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। फिलहाल दोनों आरोपी सलाखों के पीछे हैं और जांच आगे जारी है।
सवाल उठते हैं…
95 लाख की यह गड़बड़ी क्या सिर्फ दो लोगों की करतूत थी? क्या बाकी पंचायतों में भी इसी तरह योजनाओं को कागज़ी चादर ओढ़ा दिया गया है? इस गड़बड़ी में और कौन-कौन शामिल हो सकता है?पीरपैंती में यह मामला सिर्फ एक पंचायत का नहीं, एक सोच का प्रतीक है – जहां योजनाएं सिर्फ फाइलों में पूरी होती हैं, और जनता देखती रह जाती है। अब देखना ये है कि आगे और कितने मुखौटे उतरते हैं.।



