टीएमबीयू में सवा चार घंटे की मैराथन बैठक, बजट से लेकर दर्जनों फैसलों पर लगी मुहर
भागलपुर। तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (टीएमबीयू) के सिंडीकेट की शनिवार को हुई बैठक कई अहम निर्णयों की साक्षी बनी। प्रभारी कुलपति प्रो. बिमलेन्दु शेखर झा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक की शुरुआत जहां विश्वविद्यालय कुलगीत से हुई, वहीं समापन राष्ट्रगान के सुरों के साथ किया गया। लगभग सवा चार घंटे चली इस बैठक में करीब चालीस एजेंडों पर विस्तार से चर्चा की गई। संचालन का दायित्व कुलसचिव प्रो. रामाशीष पूर्वे ने संभाला।
सबसे महत्वपूर्ण निर्णय रहा वित्तीय वर्ष 2026–27 का बजट, जिसे सदस्यों ने सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी। इसके साथ ही विद्वत परिषद, वित्त समिति तथा न्यू टीचिंग प्रोग्राम एंड एफिलिएशन कमिटी की अनुशंसाओं पर भी सिंडीकेट ने अपनी सहमति दर्ज की।
हेल्थ सेंटर के बगल वाले पीजी बॉयज हॉस्टल मार्ग में बारिश के दौरान जलजमाव की समस्या ने भी बैठक में जगह बनाई। इस मुद्दे पर भागलपुर डीएम द्वारा जमीन उपलब्ध कराने के संदर्भ में मांगी गई जानकारी पर सिंडीकेट ने निर्णय लिया कि पूरा प्रस्ताव राज्यपाल सचिवालय, पटना को भेजा जाएगा और इसकी सूचना डीएम को भी दे दी जाएगी।लंबे समय से लंबित प्रधानचार्यों के लियन प्रकरण पर भी निर्णय निकल आया। दो कॉलेजों के प्राचार्यों को सशर्त राहत देते हुए अन्य सभी महाविद्यालयों के प्रधानाचार्यों के लियन को स्वीकृति प्रदान कर दी गई। साथ ही यह भी स्पष्ट कर दिया गया कि शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की प्रोन्नति (Promotion) देय है और इसे प्रक्रिया अनुसार उपलब्ध कराया जाएगा।बैठक में सिंडीकेट सदस्य व एमएलसी डॉ. संजीव कुमार सिंह, डॉ. मृत्युंजय सिंह गंगा, डॉ. शैलेश प्रसाद सिंह, डॉ. शंभू दयाल खेतान, डॉ. रूबी कुमारी, डॉ. महावेद मंडल, डॉ. मुश्फिक आलम, डॉ. शैलेश्वर प्रसाद सहित अन्य सदस्य, वित्तीय परामर्शी, डीएसडब्ल्यू और प्रॉक्टर मौजूद रहे।
कुल मिलाकर, टीएमबीयू की यह बैठक कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक और वित्तीय निर्णयों के साथ विश्वविद्यालय की आगामी दिशा तय करती दिखी।



