बाप ‘नीम’ तो बेटा ‘करेला’ – गोपाल मंडल के बेटे की जुबान हुई बेकाबू, बोले – पुलिस वाले अगर आंख उठा कर देखेंगे, तो आंख निकाल लेंगे !

भागलपुर। भागलपुर की राजनीति में फिर से गरमागरमी आ गई है – और इस बार वजह हैं ‘बेटा श्रीमान’, यानी जेडीयू के चर्चित विधायक गोपाल मंडल के सुपुत्र आशीष मंडल। गणेश चतुर्थी के मौके पर इस्माइलपुर के मंच से बोलते हुए आशीष मंडल की जुबान कुछ ज़्यादा ही ‘वीआईपी’ हो गई। बोले फालतू रो पुलिस तंग करै छै त गोपाल मंडल क बोली द… हर जगह हम्मे दौड बै… “पुलिस वाले अगर आंख उठा कर देखेंगे, तो हम आंख निकाल लेंगे!”

अब पुलिस तो खामोश है, पर सोशल मीडिया पर तूफान आ गया है। एक्स (Twitter) पर वीडियो ने जैसे आग पकड़ ली हो। लोगों ने कहा – “बाप नीम तो बेटा करेला… और दोनों सियासत के तवे पर खूब सिके हुए!”

पुलिस से पंगा?बोलचाल की भाषा में ये “निकाल लेंगे” चाहे जो मतलब निकाले, लेकिन जब ये बात पब्लिक प्लेटफॉर्म से बोले विधायक-पुत्र, तो सवाल उठते हैं – क्या अब पुलिस वालों को आंखें झुकाकर चलना होगा? वैसे, विधायक पिता गोपाल मंडल भी बयानबाज़ी के मामले में कभी पीछे नहीं रहे। अभी हाल में ही उन्होंने अपने दल के ही स्थानीय सांसद पर ऐसे बोल चलाए कि सियासी गलियारों में बवाल मच गया। सांसद महोदय भी चुप नहीं बैठे, सीधे थाने पहुंच कर एफआईआर ठोक दी।

अब बेटे की बारी…मालूम हो कि आशीष मंडल अब नाथनगर विधानसभा सीट पर अपनी राजनीतिक पारी शुरू करना चाहते हैं। चुनावी तैयारी जोरों पर है – समर्थकों के साथ जनसंपर्क, पीड़ितों से मुलाकात, और मंच से ‘तूफानी’ बयान। मशाढू गांव में कटाव पीड़ितों के मुद्दे को लेकर आंदोलन की अगुआई भी कर रहे हैं। सड़कों पर उतर कर गांववालों ने भी एलान कर दिया – अगर हालात नहीं बदले तो वोट नहीं देंगे। अब देखना ये है कि जनता आशीर्वाद देती है या “जुबान” की कीमत वसूलती है।

तो क्या नेता जी की अगली पीढ़ी भी वही ‘तेवर’, वही ‘टेम्पर’?

बिहार की राजनीति में ये सवाल अब ज़ोरों से उठने लगा है कि क्या नेताओं की विरासत में सिर्फ कुर्सी आती है, या भाषा की बेलगाम विरासत भी? अगली बार जब कोई मंच सजे, माइक खुले और कैमरे ऑन हों – तो शायद जुबान को भी ‘साइलेंट मोड’ पर रखना ज़रूरी हो जाए!

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