तेज बारिश और आंधी भी नहीं डिगा सकी श्रद्धालुओं की आस्था, श्री शिव महापुराण कथा के पाँचवें दिन उमड़ा अभूतपूर्व जनसैलाब

रांची: रांची के सुकुरहुटू स्थित कथा स्थल पर श्री शिवाला सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित पूज्य पंडित प्रदीप मिश्रा जी के मुखारविंद से प्रवाहित श्री शिव महापुराण कथा के पाँचवें दिन भक्ति, श्रद्धा और आस्था का अनुपम दृश्य देखने को मिला। मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह और बाबा के प्रति समर्पण अडिग बना रहा। कथा के दौरान अचानक तेज बारिश और आंधी शुरू हो गई, लेकिन लाखों श्रद्धालु अपने स्थान पर डटे रहे और कथा सुनते रहे। श्रद्धालुओं की भावना इतनी प्रबल थी कि जब तक पूज्य बाबा स्वयं मंच से नहीं उठे, तब तक कोई भी श्रद्धालु पंडाल छोड़ने को तैयार नहीं हुआ।
स्थिति को देखते हुए पूज्य बाबा ने श्रद्धालुओं से धैर्य और संयम बनाए रखने की अपील की तथा कहा कि आज की कथा में जो व्यवधान आया है उसकी क्षतिपूर्ति अगले दिन की जाएगी। बाबा के इस आश्वासन के बाद ही श्रद्धालु व्यवस्थित रूप से पंडाल से बाहर निकले। विपरीत मौसम के बीच भी श्रद्धालुओं की अटूट आस्था ने यह सिद्ध कर दिया कि भगवान शिव के प्रति उनकी भक्ति किसी भी परिस्थिति में कम नहीं हो सकती।
आज की कथा में पूज्य बाबा ने भगवान पशुपतिनाथ के महात्म्य का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भगवान शिव स्वयं पशुपतिनाथ रूप में समस्त प्राणियों के रक्षक हैं और जो भक्त सच्चे मन से उनकी आराधना करता है, उसके जीवन के कष्ट स्वतः दूर होने लगते हैं। बाबा ने श्रद्धालुओं को संदेश दिया कि प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिदिन बिना नागा शिव मंदिर अवश्य जाना चाहिए तथा नियमित रूप से भगवान शिव का स्मरण, पूजा और भजन-कीर्तन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिव भक्ति मनुष्य के जीवन को सरल, शांत और सकारात्मक बनाती है।
पूरे कथा स्थल पर दिनभर “हर हर महादेव” और शिव नाम के जयघोष गूंजते रहे। भजन-कीर्तन के दौरान श्रद्धालु भक्ति में पूरी तरह लीन दिखाई दिए। कथा स्थल का वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा और भक्तिमय भावनाओं से सराबोर रहा।

आज के मुख्य यजमान विवेक कुमार एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती विनीता कुमारी रहे। इसके अतिरिक्त रांची के कई गणमान्य नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता तथा विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोग कथा में उपस्थित होकर पूज्य बाबा का आशीर्वाद प्राप्त करते दिखे। आयोजन समिति के अनुसार पाँचवें दिन कथा में तीन लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने भाग लिया, जो अपने आप में एक ऐतिहासिक उपस्थिति मानी जा रही है।

श्री शिवाला सेवा समिति द्वारा किए गए व्यापक प्रबंधों की भी श्रद्धालुओं ने सराहना की। समिति के स्वयंसेवक लगातार श्रद्धालुओं की सेवा एवं व्यवस्था बनाए रखने में जुटे रहे। कथा स्थल पर सुरक्षा, चिकित्सा, पेयजल, पार्किंग एवं अन्य व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने में प्रशासन का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा।
रांची की धरती पर आयोजित यह दिव्य श्री शिव महापुराण कथा प्रतिदिन नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है तथा लाखों श्रद्धालुओं के लिए आस्था और आध्यात्मिक चेतना का केंद्र बन चुकी है।

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