रांची नगर निगम में पार्षदों की उपेक्षा पर नाराजगी,तीन महीने बाद भी नहीं मिला कोई विकास कार्य
रांची: नगर निगम चुनाव संपन्न हुए करीब तीन महीने बीत जाने के बावजूद पार्षदों को अब तक विकास कार्यों के लिए कोई योजना या काम नहीं दिया गया है। इसे लेकर पार्षदों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। पार्षदों का कहना है कि उन्हें लगातार दरकिनार किया जा रहा है, जिससे वार्डों में विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
एक बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा करते हुए पार्षदों ने कहा कि चुनाव के बाद लोगों ने उनसे विकास की उम्मीदें लगाई हैं, लेकिन निगम प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है। बैठक का संचालन नकुल तिर्की ने किया। उन्होंने कहा कि कार्यकाल शुरू हुए लगभग एक महीना पूरा होने जा रहा है, लेकिन योजनाओं के क्रियान्वयन में जिस तरह की देरी हो रही है, वैसा पहले कभी नहीं देखा गया। उन्होंने पार्षदों से एकजुट होकर अपने अधिकारों और जनता की समस्याओं के लिए आवाज उठाने का आह्वान किया।
बैठक में नगर निगम के सभी 53 वार्डों के पार्षदों ने भाग लिया और अपनी-अपनी समस्याएं सामने रखीं। पार्षदों ने कहा कि भीषण गर्मी के बावजूद अब तक एक भी बोरिंग के लिए फंड उपलब्ध नहीं कराया गया है, जबकि कई वार्डों में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। लोगों को पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है, लेकिन निगम प्रशासन इस दिशा में गंभीरता नहीं दिखा रहा है।
पार्षदों ने मांग की कि जल्द से जल्द वार्ड स्तर पर विकास योजनाओं के लिए राशि आवंटित की जाए और जनहित से जुड़े कार्यों को शुरू किया जाए, ताकि जनता को राहत मिल सके। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो आगे आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी।



