भागलपुर की बेटियों ने लखनऊ में बिखेरी चमक, राज्य स्तरीय मंच पर सराहा गया आरुषि, शिखा का हुनर
भागलपुर। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आयोजित राज्य स्तरीय भव्य शैक्षणिक समारोह में इस बार भागलपुर की दो नन्ही प्रतिभाओं ने ऐसा कमाल दिखाया कि पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा। देशभर से आए छात्र-छात्राओं के बीच बिहार का परचम लहराया आरुषि भारती और शिखा ने, जिन्होंने न सिर्फ अपनी बात मजबूती से रखी बल्कि नेतृत्व की नई परिभाषा भी पेश की।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव (ACS) पार्थ सारथी सेन शर्मा ने छात्रों को भविष्य का वास्तुकार बताते हुए प्रेरक संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सीखने-सिखाने के ऐसे मंच छात्रों को न सिर्फ आत्मविश्वासी बनाते हैं, बल्कि उन्हें बेहतर नेता बनने की राह भी दिखाते हैं।
भागलपुर जिले के अलग-अलग प्रखंडों से आई दो छात्राएं इस कार्यक्रम की खास पहचान बन गईं। जगदीशपुर के मिडिल स्कूल सैनी की आरुषि भारती और सुल्तानगंज के मिडिल स्कूल शांति देवी मुरारका की शिखा ने मंच पर अपनी ‘बाल संसद’ और स्कूल नेतृत्व से जुड़े अनुभव साझा किए। दोनों ने बताया कि किस तरह वे अपने छोटे-से स्कूल में साथियों के साथ मिलकर बदलाव की छोटी-छोटी शुरुआत कर रही हैं, जो धीरे-धीरे बड़ी प्रेरणा बन रही है।
उनकी स्पष्ट और आत्मविश्वास से भरी प्रस्तुति ने वहां उपस्थित शिक्षाविदों, अधिकारियों और छात्रों को खूब प्रभावित किया। कार्यक्रम में मौजूद कई विशेषज्ञों ने उनकी पहल को भविष्य के नेतृत्व का मजबूत संकेत बताया।
एसीएस पार्थ सारथी सेन शर्मा ने बच्चों को संवाद और सहयोग की ताकत समझाते हुए कहा कि अलग-अलग राज्यों से आए छात्रों के अनुभव आपसी सीख को और गहरा करते हैं। इसी क्रम में आरुषि और शिखा को भी देश भर के छात्रों से संवाद का मौका मिला। उन्होंने जाना कि नेतृत्व किसी बड़े शहर की देन नहीं, बल्कि गांव-देहात के छोटे स्कूलों में भी बड़े बदलाव की शुरुआत होती है।
लखनऊ के इस मंच पर भागलपुर की बेटियों ने साबित कर दिया कि सही दिशा, मजबूत संकल्प और सीखने की ललक हो तो प्रतिभा हर सीमा पार कर जाती है।



