खूँटी–सिमडेगा मार्ग पर पुल ध्वस्त, 110 दिनों से बाधित आवागमन,ग्रामीणों में आक्रोश,उप प्रमुख अरुण साबू ने सीएम को प्रेषित किया पत्र
गणादेश,खूंटी : खूंटी–सिमडेगा राज्यमार्ग के 8वें किलोमीटर पर स्थित पुल पिछले 110 दिनों से ध्वस्त पड़ा हुआ है। इस कारण क्षेत्र की आम जनता, विद्यार्थी, किसान, व्यापारी एवं आपातकालीन सेवाएँ बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि वर्षा ऋतु में दुर्घटनाओं की आशंका और बढ़ जाती है तथा आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाता है। इस मामले को लेकर मुरहू प्रखण्ड के उप प्रमुख अरुण साबू ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र प्रेषित किया है।
उप प्रमुख अरुण साबू ने पत्र के माध्यम से कहा है कि पुल बंद होने से यातायात को गाँवों के आंतरिक मार्गों पर मोड़ दिया गया है। ग्रामीण पथ पर लगातार भारी वाहनों की आवाजाही से सड़कों की हालत जर्जर हो चुकी है। इससे रोजाना दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। वहीं, जिला मुख्यालय, कोर्ट-कचहरी, अस्पताल और बाजार तक पहुँचने में लोगों को अतिरिक्त समय और खर्च उठाना पड़ रहा है।
यह मार्ग झारखंड को ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और महाराष्ट्र से जोड़ने वाला प्रमुख राज्यमार्ग है। पुल के ध्वस्त रहने से वाहनों को लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है, जिससे प्रत्येक वाहन पर औसतन 2500 रुपये का अतिरिक्त डीज़ल खर्च हो रहा है। परिवहन व्यवसायियों को सीधा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।आपात स्थिति में मरीजों, विशेषकर गर्भवती महिलाओं, को समय पर अस्पताल ले जाना बेहद कठिन हो गया है। इससे लोगों का आक्रोश लगातार बढ़ रहा है।
उप प्रमुख अरुण कुमार साबू ने मुख्यमंत्री से पुल का शीघ्र पुनर्निर्माण कराने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अगर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आमजन को राहत मिलना मुश्किल हो जाएगा और क्षेत्र की जीवनरेखा कहे जाने वाले इस राज्यमार्ग पर निर्बाध यातायात लंबे समय तक बाधित रहेगा।



