कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की और ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पाण्डेय सिंह ने दुर्गा पूजा पंडाल का भव्य भ्रमण किया

गणादेश,रांची: राजधानी में धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सव की छटा को देखने और पूजा पंडालों की भव्यता का अनुभव करने के लिए झारखंड सरकार की दो प्रमुख मंत्रीगण, कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की और ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका सिंह पाण्डेय, ने डोरंडा स्थित छप्पन सेट सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल का भव्य भ्रमण किया।
मंत्रीगण ने पंडाल में विराजित मां दुर्गा की प्रतिमा का विधिवत दर्शन किया और पूजा समिति के सदस्यों से मिलकर उनके प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि दुर्गा पूजा केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं है, बल्कि यह समाज में सांस्कृतिक, सामाजिक और आध्यात्मिक भाईचारा बनाए रखने का माध्यम भी है। मंत्रीगण ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज के लोगों को जोड़ते हैं और धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक एकता को भी प्रबल करते हैं।
भ्रमण के पश्चात मंत्रीगण रांची के मधुकम स्थित श्री काली मंदिर दुर्गा पूजा समिति पंडाल के उद्घाटन समारोह में भी शामिल हुए। इस अवसर पर राज्य के पूर्व शिक्षा मंत्री बंधु तिर्की जी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने पूजा समिति के सदस्यों को शुभकामनाएं दी और कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में धार्मिक भावना, सांस्कृतिक विरासत और सामूहिक सौहार्द को प्रबल करते हैं।
इस अवसर पर मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि “जब-जब धरती पर बुराई ने अपना प्रकोप दिखाया है, तब-तब अलौकिक शक्ति ने उसका नाश किया है। मां दुर्गा शक्ति का प्रतीक हैं और वे अपने भक्तों के साथ हमेशा तारणहार की भूमिका में रहती हैं। समाज में सुख, शांति और भाईचारगी का माहौल हो, यही माँ दुर्गा से हमारी मनोकामना है।”
मंत्री दीपिका पाण्डेय सिंह ने भी अपने संबोधन में कहा कि दुर्गा पूजा का महापर्व न केवल धार्मिक उत्सव का प्रतीक है, बल्कि यह सांस्कृतिक एकता, सामाजिक सौहार्द और लोककलाओं का उत्सव भी है। उन्होंने कहा कि पूजा पंडालों की भव्यता और सजावट में कला और मेहनत झलकती है, जो युवाओं को प्रेरित करती है और धार्मिक व सामाजिक चेतना को प्रबल करती है।
इस अवसर पर पंडाल में उपस्थित नागरिकों, भक्तों और स्थानीय समाज के लोगों ने भी मंत्रीगण का स्वागत किया। उन्होंने पूजा समिति के सदस्यों को बधाई दी और इस भव्य आयोजन की प्रशंसा की। लोगों ने कहा कि यह पर्व केवल पूजा और आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज में सकारात्मक ऊर्जा, भाईचारे और सामूहिक मिलन का प्रतीक बन गया है।
राजधानी रांची में आयोजित यह भव्य पूजा पंडाल और मंत्रीगण का दौरा स्थानीय लोगों और दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं के लिए अविस्मरणीय अनुभव रहा। इस प्रकार के आयोजन न केवल धार्मिक आस्था को बल देते हैं बल्कि सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक सौहार्द को भी संजोते हैं।

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