नालंदा नूरसराय में महिला के साथ दुर्व्यवहार मामला,किशोर कुमार मुन्ना ने सरकार को घेरा, बोले- बिहार में महिलाएं सुरक्षित नहीं

पटना: जन सुराज पार्टी ने नालंदा के नूरसराय में महिला के साथ हुई दुर्व्यवहार व सामूहिक दुष्कर्म के प्रयास की घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की। वहीं, पीड़िता को न्याय दिलाने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। इसी विषय को लेकर गुरुवार को जन सुराज पार्टी कार्यालय पटना में  प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। जिसे पार्टी के मीडिया सेल प्रभारी औबेदूर रहमान ने संबोधित करते हुए कहा कि प्रशांत किशोर के निर्देशानुसार किशोर कुमार मुन्ना के नेतृत्व में गुरुवार को एक टीम पीड़िता के परिजनों से मुलाकात करने गई थी।
वहीं, पार्टी के वरिष्ठ नेता व पूर्व विधायक किशोर कुमार मुन्ना ने बिहार सरकार को घेरते हुए कहा कि पिछले तीन महीने में लगातार इस तरह की घटनाएं सामने आई है।पटना, जहानाबाद, गया, सारण में भी बेटियों के साथ दुष्कर्म की घटनाएं सामने आ रही हैं। लेकिन, बिहार सरकार के कान में जूं तक नहीं रेंग रहा है। नीतीश कुमार को बिहार की बेटियों की चिंता नहीं है!उनको अपने बेटे की चिंता है!वहीं बीजेपी को भी इस तरह की घटनाओं से कोई मतलब नहीं है। उसे सिर्फ चिंता ये है कि वह किस तरह से नीतीश कुमार कुर्सी से हटाकार बिहार में बीजेपी का सीएम बनाया जाए। प्रशासन ने अपना इकबाल  खो दिया है। इस पर सरकार का कोई नियंत्रण नहीं है। प्रदेश में बहु-बेटियां असुरक्षित हैं। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को सख्त से सख्त सजा देने की मांग की, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके। पार्टी ने स्पष्ट किया कि वह पीड़िता के साथ है और न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करेगी।
जन सुराज के पूर्व प्रत्याशी मनीष कश्यप ने कहा कि मौजूदा वक्त में देश में महिलाएं सबसे ज्यादा असुरक्षित बिहार में हैं, हाल ही में छपरा और नालंदा में महिलाओं के साथ दरिंदगी हुई है, अब नालंदा में घटना घटी है।  हर घटना को जाति के चादर से ढ़क जाते हैं। सात दिन के बाद लोग घटना को भूल जाते हैं, लगातार बहन, बेटियों के साथ गलत हो रहा है। इसका सबसे बड़ा कारण बिहार के युवा नशे की गिरफ्त में तेजी से आ रहे हैं। नशे के कारण बिहार के युवा बर्बाद हो रहे हैं, इसके चलते क्राइम ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। जब हम लोग बीते दिन पीड़िता के गांव पहुंचे, तो वहां स्थानीय लोगों ने बताया कि जिन लोगों ने घटना को अंजाम दिया उसमें ज्यादातर युवा नशेड़ी थे। जानकारी मिली कि महिला एक कमरे में थी उसके बाद कुछ लड़कों का झुंड वहां पहुंचा और दरवाजा खोलने का प्रयास करते हैं, लेकिन जब महिला दरवाजा नहीं खोलती है तो वहां पर कुछ स्थानीय लोगों को भी बुलाया जाता है। इसके बाद उसे घर से बाहर निकालकर उसके साथ जबरदस्ती की जाती है और उसका वीडियो बनाया जाता है। इस दौरान गांव का कोई भी व्यक्ति इस घटना का विरोध नहीं करता। गांव वाले तमाशबीन बने
रहे।इस दौरान पदमा ओझा ने कहा कि यह घटना बिहार की धरती पर एक बहुत बड़ा प्रश्न चिह्न खड़ा करती है। क्या बिहार में बहन-बेटियां सुरक्षित हैं? प्रदेशभर में चारों तरफ लोगों में भय का माहौल है। सीएम नीतीश कुमार ने महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया है। उनका कहना है कि प्रदेश में महिलाएं सुरक्षित हैं लेकिन आए दिन हर जिले में महिलाओं के साथ कोई न कोई आपराधिक घटनाएं घट रही है। सरकार इन मामलों पर चुप्पी साधे है, उन्हें अपनी कुर्सी और परिवार की चिंता पड़ी है। प्रेस वार्ता में प्रदेश मीडिया प्रभारी औबेदुर रहमान, इन्दु सिंन्हा, पद्मा ओझा समेत पार्टी के अन्य नेता उपस्थित रहे।

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