हजारीबाग के विष्णुगढ़ की घटना का पुलिस ने किया पर्दाफाश,नर बलि का मामला,तीन आरोपी गिरफ्तार

रांची: हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ क्षेत्र से सामने आई एक दिल दहला देने वाली घटना ने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया है। 12 वर्षीय मासूम बच्ची की हत्या के मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया कि यह कोई सामान्य अपराध नहीं, बल्कि अंधविश्वास और नरबलि से जुड़ा भयावह सच है। इस घटना में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बच्ची की हत्या में उसकी अपनी मां ही शामिल पाई गई।
पुलिस के अनुसार, आरोपी मां ने अपने बेटे के स्वास्थ्य लाभ की कामना में तंत्र-मंत्र और अंधविश्वास के जाल में फंसकर अपनी ही बेटी की बलि दे दी। जिस मां की गोद में बच्ची सुरक्षित होनी चाहिए थी, उसी ने उसे मौत के हवाले कर दिया। यह घटना न केवल क्रूरता की पराकाष्ठा को दर्शाती है, बल्कि समाज में बढ़ते अंधविश्वास की खतरनाक स्थिति को भी उजागर करती है।
जांच में यह भी सामने आया कि महिला का एक व्यक्ति के साथ अवैध संबंध था और उसी के प्रभाव में आकर इस साजिश को अंजाम दिया गया। अंधविश्वास और गलत संगति ने मिलकर एक मासूम की जिंदगी छीन ली। पुलिस ने इस मामले में सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की कार्रवाई जारी है।
यह घटना कई गंभीर सवाल खड़े करती है—क्या आज भी समाज में अंधविश्वास इतना हावी है कि लोग अपने ही बच्चों की जान लेने को तैयार हो जाएं? क्या शिक्षा और जागरूकता के बावजूद लोग ढोंगी बाबाओं और झूठे तंत्र-मंत्र पर भरोसा करेंगे?
यह सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि समाज के नैतिक पतन का आईना है। जरूरत है कि ऐसे अंधविश्वासों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं और लोगों को जागरूक किया जाए, ताकि भविष्य में कोई और मासूम इस तरह की बर्बरता का शिकार न बने।

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