सावन की पहली सोमवारी पर बाबा नागरी देवघर सहित पूरे राज्य के शिवालय में बोल बम के नारों से गुंजायमान हुआ,राजधानी रांची के पहाड़ी मंदिर में सकड़ों शिवभक्तों ने किया जलाभिषेक

रांची : पवित्र सावन मास की पहली सोमवारी पर बाबाधाम देवघर सहित पूरे राज्य के अलग-अलग जिले के शिवालय में शिवभक्तों ने शिवलिंग पर जलाभिषेक किया । बीते रविवार की देर रात से ही बाबा बैद्यनाथधाम में जलार्पण के लिए कांवरियों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं, जो देखते ही देखते लगभग 20 किलोमीटर तक फैल गईं। मानो पूरे वातावरण में “बोल बम” की गूंज और भक्ति की लहर दौड़ पड़ी हो। हालांकि, यह भीड़ प्रशासन के लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं रही।

श्रद्धालुओं का भारी जमावड़ा मुख्य रूप से बाबा मंदिर परिसर, बैरियर, झारखंड-बिहार बॉर्डर दुम्मा और बाहरी अरघा क्षेत्र में देखा गया।

वहीं राजधानी रांची के ऐतिहासिक पहाड़ी मंदिर में  भी सुबह से ही श्रद्धालुओं का आने का सिलसिला जारी रहा ।सकड़ों की संख्या में आए शिवभक्तों ने बाबा का जलार्पण किया।  खूंटी जिले के आम्रेश्वर धाम में भी सोमवारी को दूर-दराज के क्षेत्रों से आये हजारों की संख्या में आए शिवभक्तों ने आम्रेश्वर धाम मंदिर में बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। प्रातः लगभग चार बजे जैसे ही भेलेनाथ और अन्य मंदिरों के पट खुले, पूरा धाम परिसर बोल बम, हर हर महादेव के जयकारों से गुंज उठा। श्रद्धालुओं ने बाबा मंदिर सहित अन्य मंदिरों में पूजा-अर्चना कर अपने और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। बाबा आम्रेश्वर धाम प्रबंधन समिति ने बताया कि लगभग 20 हज़ार की संख्या में शिवभक्तों, जिसमें महिला पुरूष एवं बच्चों ने आज जलार्पण किया।

साहिबगंज जिले में भी पवित्र श्रावण माह की पहली सोमवारी पर अहले सुबह से ही गंगा में आस्था की डुबकी लगाने के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। स्नान के उपरांत भक्तों ने शिवालयों में भोलेनाथ को जलार्पण किया। शहर के मुक्तेश्वरधाम बिजली सीढ़ी गंगा घाट, सकुंतला सहाय घाट, गोपालपुल घाट, चानन कबूतरखोपी घाट, सकरीगली गंगा घाट, महाराजपुर गंगा घाट, राजमहल गंगा घाट सहित विभिन्न गंगा घाटों में हजारों भक्तो ने आस्था की डुबकी लगाई।शिवगादी, मोतीनाथ धाम, मुरली स्थित बाबा धनेश्वर नाथ धाम सहित विभिन्न शिवालयों में लाखों भक्तों ने भोलेनाथ को जलाभिषेक किया।

चतरा में भी सावन की पहली सोमवारी पर भद्रकाली मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें मंदिर परिसर के बाहर लगी । दूर-दराज से आए श्रद्धालु बाबा भद्रकाली के दर्शन और जलाभिषेक के लिए घंटों कतार में खड़े रहे। पूरा वातावरण हर-हर महादेव और जय मां भद्रकाली के नारों से भक्तिमय हो गया। मंदिर प्रबंधन समिति ने भक्तों की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्था की है। महिला सुरक्षा और कतारबद्ध दर्शन की व्यवस्था की गई है। भक्तों ने गंगाजल, दूध, बेलपत्र और भस्म से भगवान शिव और माता भद्रकाली का अभिषेक किया। श्रद्धालुओं का कहना है कि सावन की पहली सोमवारी को भद्रकाली मंदिर में पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है।

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन ने पहले से ही व्यापक तैयारी कर रखी थी। पुलिस बल, होमगार्ड और स्वयंसेवकों की तैनाती की गई थी ताकि दर्शन के दौरान कोई अव्यवस्था न हो। सीढ़ियों के दोनों ओर बैरिकेडिंग, जगह-जगह जलपान और प्राथमिक चिकित्सा केंद्र, सीसीटीवी कैमरे और श्रद्धालुओं की कतारों को सुव्यवस्थित करने के लिए वॉलंटियर्स को जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

श्रद्धा से सराबोर रहा मंदिर परिसर

मंदिर परिसर में आज का दृश्य आस्था और अध्यात्म का जीवंत चित्र था। ढोल-नगाड़ों की गूंज, मंत्रोच्चारण की ध्वनि और भक्तों की टोली ने माहौल को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया। श्रद्धालु न केवल पूजा कर रहे थे, बल्कि कुछ लोग मंदिर परिसर में ध्यान और भजन-कीर्तन में भी लगे नजर आए।

धार्मिक आयोजन और सामाजिक सौहार्द

पहली सोमवारी पर मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना और रुद्राभिषेक का आयोजन भी किया गया। इस अवसर पर सामूहिक रुद्रपाठ और हवन भी हुआ, जिसमें स्थानीय नागरिकों से लेकर बाहर से आए श्रद्धालुओं ने भाग लिया।

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