धरती पर जब जब बढ़ा अत्याचार नारायण ने लिया अवतार : स्वामी रंगनाथाचार्य जी महाराज
भोजपुर(आरा) शहर के विष्णु नगर बैंक कॉलोनी में माँ मनोकामना मन्दिर के तृतीय स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में बड़े ही हर्षोल्लास के साथ शुरू हुआ श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ ! उक्त समारोह के चतुर्थ दिवस में भारत के सुप्रसिद्ध संत अनन्तश्री बिभूसित स्वामी रंगनाथाचार्यजी महाराज ने व्यास पीठ से कथा के माध्यम से हजारों भक्तों को आध्यात्म से सराबोर कर दिया। भागवत कथा को लेकर चारो तरफ माहौल भक्तिमय बना हुआ है। उन्होंने कथा
के माध्यम से नारायण की लीलाओं का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान राम व श्रीकृष्ण दोनों एक दुसरे के सीधे विपरीत थे।वही भगवान राम ने रावण का नाश
किया।कंस का अत्याचार बढा! तो धरती माँ व गौ माता की रक्षा के लिए श्रीकृष्ण के रूप में अवतरित होकर हजारों असुरों व दुष्टों का संहार किया।वहीं लाखों भक्तों का कल्याण करने का काम किया।अपने भक्तों
से स्वामी जी महाराज ने बड़े ही भक्तिमय माहौल में भागवत कथा का रसपान उपस्थित श्रद्धालु भक्तों को कराया। वही इस दौरान पूरा कथा पंडाल भक्तों से भरा रहा। वही प्रकांड विद्वान क्रान्तिकारी गोविन्दाचार्य गोपी शर्मा विष्णु जी ने भगवान् की विधिवत रूप से पूजा कराया। इस पावन अवसर पर खचाखच भरे पांडाल में हजारों भक्तों ने इस धरा पर हीं स्वर्ग जैसा अनुभव किया।वही इस मौके पर समाजसेवी भाजपा नेता गुड्डू सिंह बबुआन, के के सिंह नवीन राय समेत दर्जनों लोगों को व्यास पीठ से महाराज श्री ने सम्मानित किया गया । देर रात तक लोग भागवत कथा का श्रवण कर भक्तिमय माहौल में गोता लगाते रहे। इस आशय की जानकारी मीडिया प्रभारी चंदन कुमार ने दी।



