जब बॉर्डर के पार से दस्तक हुई, भागलपुर रेंज बना सुरक्षा का नया मोर्चा, भागलपुर सहित 18 रेलवे स्टेशनों पर अलर्ट

प्रदीप विद्रोही,भागलपुर। नेपाल सीमा से पाकिस्तान के तीन संदिग्ध आतंकियों की घुसपैठ की सूचना ने बिहार पुलिस को अलर्ट मोड पर ला दिया है। लेकिन इस बार बात महज सतर्कता की नहीं, बल्कि रणनीतिक चौकसी की है। भागलपुर रेंज के तीनों जिलों – भागलपुर, नवगछिया और बांका – में पुलिस सिर्फ तैनात नहीं है, बल्कि एक सघन ऑपरेशन मोड में आ चुकी है।
खुफिया विभाग की रिपोर्ट के आधार पर भागलपुर सहित 18 रेलवे स्टेशनों पर अलर्ट जारी किया गया है। रेलवे पुलिस, जीआरपी और आरपीएफ के जवानों को वर्दी और सादे कपड़ों में तैनात किया गया है। सभी स्टेशनों और ट्रेनों में यात्रियों और सामान की सघन जांच की जा रही है। संदिग्ध व्यक्तियों और वस्तुओं पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

रेंज के आईजी विवेक कुमार की अगुआई में पुलिस अब महज चौकसी नहीं कर रही, बल्कि हर संदिग्ध गतिविधि को स्कैन कर रही है। सीमावर्ती गांवों से लेकर शहर के संवेदनशील इलाकों तक नजरों की बिसात बिछ चुकी है।
खुफिया रिपोर्ट के अनुसार, नेपाल के रास्ते जैश-ए-मोहम्मद के तीन आतंकवादी बिहार में प्रवेश कर चुके हैं। इस सूचना के बाद गृह विभाग ने सभी सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क रहने का निर्देश दिया। भागलपुर, कटिहार, नवगछिया, साहिबगंज, मुंगेर, सुल्तानगंज और मुसाफिरगंज समेत सभी संवेदनशील स्टेशनों पर ट्रेनों के हर डिब्बे और यात्रियों के सामान की जांच शुरू कर दी गई है। जीआरपी और आरपीएफ के जवान सादे कपड़ों में तैनात किए गए हैं ताकि संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी की जा रही है। यात्रियों से अपील की गई है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या वस्तु की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

“हमें केवल घुसपैठ नहीं रोकनी है, बल्कि उसकी संभावनाओं को भी ज़मीन पकड़ने से पहले ही मिटाना है,” – एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया।

राज्य की खुफिया एजेंसियां स्लीपर सेल की आशंका वाले क्षेत्रों में गहराई से जांच कर रही हैं। इस बार की रणनीति केवल बाहरी खतरे को रोकने की नहीं, बल्कि भीतर के सन्नाटों को समझने की भी है।

गुप्त सूचनाओं के आधार पर संवेदनशील स्थानों की पहचान कर, वहां नियमित जांच और छापेमारी की जा रही है। बिहार विधानसभा चुनावों की नजदीकी को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को कई स्तरों पर पुनर्परिभाषित किया जा रहा है।

सीमा पर तैनात एक नई चेतना

नेपाल सीमा पर तैनात सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने बिना वैध आईडी के किसी भी व्यक्ति को प्रवेश देने से इनकार कर दिया है। इस बार की कार्रवाई केवल फॉर्मेलिटी नहीं लगती — बल्कि इसका स्वरूप कहीं ज्यादा सशक्त और प्रोएक्टिव है।

“सिर्फ बॉर्डर की धरती नहीं, बॉर्डर के पार की धड़कनों पर भी हमारी नजर है,” – एसएसबी कमांडर ने बयान में कहा।

निगरानी से नीति तक: हर कदम पर रिपोर्टिंग

इस ऑपरेशन की खास बात यह है कि स्थानीय इनपुट से लेकर अंतर-राज्यीय समन्वय तक, हर सूचना को रीयल टाइम में उच्चाधिकारियों और मुख्यालय तक भेजा जा रहा है।

भागलपुर, जो अब तक रेशमी नगरी के नाम से जाना जाता था, इस समय एक रणनीतिक सुरक्षा केंद्र बन चुका है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह अलर्ट सिर्फ एक प्रतिक्रियात्मक कदम बनता है, या एक दीर्घकालिक नीति की नींव।

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