16अगस्त शनिवार का राशिफल एवं पंचांग,पढ़िए आज आपके भाग्य में क्या अच्छा है
मेष राशि – अपने मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान दें, जो आध्यात्मिक जीवन के लिए आवश्यक है। मस्तिष्क जीवन का द्वार है, क्योंकि अच्छा-बुरा सब-कुछ इसी के माध्यम से आता है। यही ज़िंदगी की समस्याएँ दूर करने में सहायक सिद्ध होता है और सही सोच से इंसान को आलोकित करता है। माली सुधार की वजह से ज़रूरी ख़रीदारी करना आसान रहेगा। एक-दूसरे का नज़रिया समझकर व्यक्तिगत समस्याएँ सुलझाएँ। इसे औरों के सामने न लाएँ, नहीं तो बदनामी हो सकती है। जिसे आप चाहते हैं, उसके साथ आपका तल्ख़ रवैया आपके रिश्ते में दूरी बढ़ा सकता है। आपके घर का कोई सदस्य आज आपके साथ वक्त बिताने की जिद्द कर सकता है जिसके कारण आपका कुछ समय खराब हो जाएगा। आपकी बीती ज़िन्दगी का कोई राज़ आपके जीवनसाथी को उदास कर सकता है। स्वास्थ्य को दुरुस्त करने के लिए आज किसी पार्क या जिम मेें आप जा सकते हैं।
🪶 उपाय :- चन्द्र की वस्तुओं (चावल, चीनी, आटा, मैदा, दूध आदि) में से कोई भी एक वस्तु किसी भी धर्म स्थान में देने से फैमिली लाइफ अच्छी रहती है।
वृषभ राशि – जब सेहत से जुड़ा मामला हो तो ख़ुद को अनदेखा नहीं करना चाहिए और सावधानी बरतनी चाहिए। कोई बेहतरीन नया विचार आपको आर्थिक तौर पर फ़ायदा दिलायेगा। घर के किसी सदस्य के व्यवहार की वजह से आप परेशान रह सकते हैं। आपको उनसे बात करने की जरुरत है। विवादित मुद्दों को उठाने से बचें, अगर आप आज ‘डेट’ पर जा रहे हैं तो। यह दिन बेहतरीन दिनों में से एक हो सकता है। आज दिन में आप कई अच्छे प्लान भविष्य के लिए बना सकते हैं लेकिन शाम के वक्त किसी दूर के रिश्तेदार के घर में आ जाने के कारण आपके सारे प्लान धरे के धरे रह सकते हैं। कोई रिश्तेदार अचानक आपके घर आ सकता है, जिसके चलते आपकी योजनाएँ गड़बड़ा सकती हैं। आज आप फ़ोटोग्राफ़ी करके आने वाले कल के लिए कुछ बेहतरीन यादें संजो सकते हैं; अपने कैमरे का सदुपयोग करना बिलकुल न भूलें।
उपाय :- काले-सफेद तिल आटे में मिलाकर उसकी गोलियां मछलियों में डालने से सेहत अच्छी रहेगी।
मिथुन राशि – अपनी शारीरिक चुस्ती-फुर्ती को बनाए रखने के लिए आप आज का दिन खेलने में व्यतीत कर सकते हैं। आज बिना किसी की मदद के ही आप धन कमा पाने में सक्षम होंगे। घरेलू मोर्चे पर समस्या खड़ी हो सकती है, इसलिए तोल-मोल कर ही बोलें। व्यक्तिगत मार्गदर्शन आपके रिश्ते में सुधार लाएगा। छात्र-छात्राओं को आज अपने काम को कल पर नहीं टालना चाहिए, आपको जब भी खाली समय मिले अपने काम को पूरा कर लें। ऐसा करना आपके लिए हितकारी है। वैवाहिक सुख के दृष्टिकोण से आज आपको कुछ अनोखा उपहार मिल सकता है। जीवन में सरलता तभी रहती है जब आपका व्यवहार सरल रहता है। आपको भी अपने व्यवहार में सरलता लाने की जरुरत है।
🪶 उपाय :- सफेद गाय को आटा व काली चींटियों को चीनी खिलाने से पारिवारिक सुख बढ़ेगा।
कर्क राशि – शारीरिक लाभ के लिए, विशेषकर मानसिक तौर पर मज़बूती हासिल करने के लिए ध्यान और योग का आश्रय लें। व्यापाार में मुनाफा आज कई व्यापारियों के चेहरे पर खुशी ला सकता है। पारिवारिक मोर्चे पर चीज़ें अच्छी रहेंगी और अपनी योजनाओं के लिए आप पूरे सहयोग की उम्मीद कर सकते हैं। मुमकिन है कि आपके आँसुओं को पोंछने के लिए कोई ख़ास दोस्त आगे आए। बातों को सही तरीके से समझने का आज आपको प्रयास करना चाहिए नहीं तो इसकी वजह से आप खाली समय में इन्हीं बातों के बारे में सोचते रहेंगे और अपना समय बर्बाद करेंगे। वैवाहिक सुख के दृष्टिकोण से आज आपको कुछ अनोखा उपहार मिल सकता है। आज का दिन उन चन्द दिनों जैसा है जब घड़ी की सुईयाँ बहुत धीरे-धीरे हिलती हैं और आप लंबे समय तक बिस्तर में पड़े रहते हैं। लेकिन इसके बाद ख़ुद को तरोताज़ा भी महसूस करेंगे और इसकी आपको काफ़ी ज़रूरत भी है।
🪶 उपाय :- गरीब कन्याओं में खीर बाँटने से पारिवारिक सुख बढ़ेगा।
सिंह राशि – व्यस्त दिनचर्या के बावजूद सेहत अच्छी रहेगी। लेकिन इसे हमेशा के लिए सच मानने की ग़लती न करें। अपनी ज़िंदगी और सेहत का सम्मान करें। रियल एस्टेट सम्बन्धी निवेश आपको अच्छा-ख़ासा मुनाफ़ा देंगे। कोई ऐसा जिसके साथ आप रहते हैं, आपके लापरवाह और अनिश्चित बर्ताव की वजह से चिढ़ सकता है। आप प्रेम की आग में धीरे-धीरे ही सही, लेकिन लगातार जलते रहेंगे। जो लोग बीते कुछ दिनों से काफी व्यस्त थे उन्हें आज अपने लिए फुर्सत के पल मिल सकते हैं। परिवार के सदस्यों के साथ थोड़ी दिक़्क़त का सामना करना पड़ सकता है। लेकिन दिन के आख़िर में आपका जीवनसाथी आपकी परेशानियों को सहलाएगा। ग्रह इशारा कर रहे हैं कि धार्मिक क्रियाकलापों की अधिकता हो सकती है, मसलन आप मंदिर जा सकते हैं, दान-दक्षिणा भी संभव है और ध्यान-धारणा का अभ्यास भी किया जा सकता है।
🪶 उपाय :- अच्छे पारिवारिक जीवन के लिए किसी भी कुत्ते (अगर काले रंग का हो, तो विशेष शुभ है) को दूध पिलाएं।
कन्या राशि – आपके हँसी-मज़ाक़ का लहज़ा किसी दूसरे को आपकी तरह इस क्षमता को विकसित करने के लिए प्रेरित कर सकता है। आपसे उसे यह सबक़ मिलेगा कि ज़िंदगी की ख़ुशी बाहरी चीज़ों में नहीं, बल्कि ख़ुद के ही भीतर है। जो लोग अब तक पैैसे को बिना सोचे विचारे उड़ा रहे थे उन्हें आज पैसे की बहुत आवश्यकता पड़ सकती है और आज आपको समझ में आ सकता है कि पैसे की जीवन में क्या अहमियत है। दोस्तों की परेशानियों और तनाव के चलते आप अच्छा महसूस नहीं करेंगे। आपका बेपनाह प्यार आपके प्रिय के लिए बेहद क़ीमती है। अपना समय और ऊर्जा दूसरों की मदद करने में लगाएँ, लेकिन ऐसे मामलों में पड़ने से बचें जिनसे आपका कोई लेना-देना नहीं है। अगर आप अपने जीवनसाथी से स्नेह की आशा रखते हैं, तो यह दिन आपकी आशाओं को पूरा कर सकता है। अगर आज कुछ ज़्यादा करने को नहीं है तो किसी लाइब्रेरी में समय बिताना एक अच्छा विकल्प हो सकता है।
🪶 उपाय :- ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः इस मंत्र का प्रातः 11 बार उच्चारण करने से पारिवारिक जीवन अच्छा रहेगा।
तुला राशि – आज आप उम्मीदों की जादुई दुनिया में हैं। नए क़रार फ़ायदेमंद दिख सकते हैं, लेकिन वे उम्मीद के मुताबिक़ लाभ नहीं पहुँचाएंगे। निवेश करते समय जल्दबाज़ी में निर्णय न लें। एक ख़ुशनुमा और बढ़िया शाम के लिए आपका घर मेहमानों से भर सकता है। ख़ुशमिज़ाज रहें और प्यार की राह में बाधाओं का सामना करने के लिए तैयार रहें। बातों को सही तरीके से समझने का आज आपको प्रयास करना चाहिए नहीं तो इसकी वजह से आप खाली समय में इन्हीं बातों के बारे में सोचते रहेंगे और अपना समय बर्बाद करेंगे। आपका जीवनसाथी आपसे नाराज़ हो सकता है, क्योंकि आप उनसे कोई बात साझा करना भूल गए थे। आज का दिन किसी भी धार्मिक स्थल के लिए समर्पित करना अपनी मानसिक शांति बनाए रखने का सर्वश्रेष्ठ साधन हो सकता है।
🪶 उपाय :- पूजा स्थल में सफेद शंख की स्थापना करके उसकी नियमित पूजा करने से आर्थिक उन्नति होगी।
🦂 वृश्चिक राशि – क़ुदरत ने आपको आत्मविश्वास और तेज़ दिमाग़ से नवाज़ा है- इसलिए इनका भरपूर इस्तेमाल कीजिए। धन की आवश्यकता कभी भी पड़ सकती है इसलिए आज जितना हो अपने पैसे की बचत करने का विचार बनाएं। कोई ऐसा जिसके साथ आप रहते हैं, आपके लापरवाह और अनिश्चित बर्ताव की वजह से चिढ़ सकता है। आज के दिन प्यार की कली चटककर फूल बन सकती है। जिंदगी में चल रही आपाधापी के बीच आज आपको अपने लिए पर्याप्त समय मिलेगा और और आप अपने पसंदीदा कामों को कर पाने में कामयाब हो पाएंगे। बारिश को रोमांस से जुड़ा माना जाता है और आज आप अपने जीवनसाथी के साथ प्यार की बारिश महसूस कर सकते हैं। वक्त कैसे गुजर जाता है इस बात का अहसास आज आपको अपने किसी पुराने मित्र से मिलकर हो सकता है।
🪶 उपाय :- सिक्के(लेड धातु) के चार टुकड़े चलते पानी में बहाने से पारिवारिक जीवन खुशहाल बनेगा।
🏹 धनु राशि – सेहत बढ़िया रहेगी। जिन लोगों ने किसी अनजान शख्स की सलाह पर कहीं निवेश किया था आज उन्हें उस निवेश से फायदा होने की पूरी संभावना है। लोग आपको आशाएँ और सपने देंगे, लेकिन असल में सारा दारोमदार आपके प्रयासों पर रहेगा। किसी तीसरे इंसान का दखल आपके और आपके प्रिय के बीच गतिरोध पैदा करेगा। महत्वपूर्ण लोगों के साथ बातचीत करते वक़्त अपने शब्दों को ग़ौर से चुनें। जीवनसाथी के ख़राब व्यवहार का नकारात्मक असर आपके ऊपर पड़ सकता है। दोस्तों के साथ फ़ोन पर गपशप से बढ़िया और क्या हो सकता है, इससे आपकी ऊब भी दूर होगी।
🪶 उपाय :- ॐ नमो भगवते रुद्राय इस मंत्र का 11 बार उच्चारण सुबह-शाम करने से पारिवारिक जीवन अच्छा होगा।
🐊 मकर राशि – दिन फ़ायदेमन्द साबित होगा और आप किसी पुरानी बीमारी में काफ़ी आराम महसूस करेंगे। आज आपको अपने उन रिश्तेदारों को पैसा उधार नहीं देना चाहिए जिन्होंने आपका पिछला उधार अब तक वापस नहीं किया है। कुछ लोग जितना कर सकते हैं, उससे कई ज़्यादा करने का वादा कर देते हैं। ऐसे लोगों को भूल जाएँ जो सिर्फ़ गाल बजाना जानते हैं और कोई परिणाम नहीं देते। संभव है आज आप अपने प्रिय को टॉफ़ी और कॉकलेट वग़ैरह दें। खाली समय का पुरा आनंद उठाने के लिए आपको लोगों से दूर होकर अपने पसंदीदा काम करने चाहिए। ऐसा करके आपमें सकारात्मक बदलाव भी आएंगे। वैवाहिक जीवन के लिए विशेष दिन है। अपने जीवनसाथी को बताएँ कि आप उनसे कितना प्यार करते हैं। किसी सहकर्मी की अचानक तबीयत खराब होने पर आज आप उनका भरपूर सहयोग दे सकते हैं।
🪶 उपाय :- मांस, मदिरा, हिंसा, परपीड़ा, निंदा का त्याग करना आर्थिक स्थिति के लिए शुभ है।
⚱ कुम्भ राशि – आज आप ख़ुद को सुकून में और ज़िंदगी का लुत्फ़ उठाने के लिए सही मनोदशा में पाएंगे। अगर आप लोन लेने वाले थे और काफी दिनों से इस काम में लगे थे तो आज के दिन आपको लोन मिल सकता है। ऐसा कोई जिसे आप जानते हैं, आर्थिक मामलों को ज़रूरत से ज़्यादा गंभीरता से लेगा और घर में थोड़ा-बहुत तनाव भी पैदा होगा। आज आप जीवन में सच्चे प्रेम की कमी का अनुभव करेंगे। ज़्यादा चिंता न करें, हर चीज़ समय के साथ बदलती है और इसलिए आपकी रोमांटिक ज़िंदगी में भी बदलाव आएगा। इस राशि के लोगों को आज अपने आप को समझने की जरुरत है। यदि आपको लगता है कि आप दुनिया की भीड़ में कहीं खो गये हैं तो अपने लिए वक्त निकालें और अपने व्यक्तित्व का आकलन करें। मुमकिन है कि आपका जीवनसाथी आज आपके लिए पर्याप्त समय न निकाल पाए। यदि आप किसी खेल में महारत रखते हैं तो आज के दिन आपको वो खेल खेलना चाहिए।
🪶 उपाय :- ‘ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः’ इस मंत्र का 11 बार उच्चारण करने से पारिवारिक जीवन अच्छा रहेगा।
🐬 मीन राशि – नर्वस ब्रेकडाउन आपकी सोचने की ताक़त और शरीर के प्रतिरक्षा तंत्र को कमज़ोर बना सकता है। सकारात्मक सोच के ज़रिए इस समस्या से निजात पाएँ। आर्थिक रुप से आज आप काफी मजबूत नजर आएंगे, ग्रह नक्षत्रों की चाल से आज आपके लिए धन कमाने के कई मौके बनेंगे. ख़ुद को घरेलू कामकाज में लगाए रखें। साथ ही कुछ वक़्त अपने शौक़ के लिए भी ज़रूर निकालें, ताकि आपकी रफ़्तार बरक़रार रहे और शरीर व मन चुस्त रहे। रोमांस के नज़रिए से आज ज़िन्दगी बहुत जटिल रहेगी। परिवार की जरुरतों को पूरा करते-करते आप कई बार खुद को वक्त देना भूल जाते हैं। लेकिन आज आप सबसे दूर होकर अपने आप के लिए वक्त निकाल पाएंगे। अपने जीवनसाथी को सरप्राइज़ देते रहें, नहीं तो वह ख़ुद को आपके जीवन में महत्वहीन समझ सकता है। आज आप सब चिंताओं को भुलाकर अपनी रचनात्मकता को बाहर निकाल सकते हैं।
🪶 उपाय :- उबले हुए मूँग किसी गरीब व्यक्ति को खिलाने से स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।
🤷🏻♀ आज जिन भाई-बहनों का जन्मदिन या शादी की सालगिरह है उन सभी भाई-बहनों को हार्दिक
🌞 ll~ वैदिक पंचांग ~ll 🌞
🌤 दिनांक – 16 अगस्त 2025
🌤 दिन – शनिवार
🌤 विक्रम संवत 2082
🌤 शक संवत -1947
🌤 अयन – दक्षिणायन
🌤 ऋतु – वर्षा ॠतु
🌤 मास – भाद्रपद
🌤 पक्ष – कृष्ण
🌤 तिथि – अष्टमी रात्रि 09:34 तक तत्पश्चात नवमी
🌤 नक्षत्र – कृत्तिका 17 अगस्त प्रातः 04:38 तक तत्पश्चात रोहिणी
🌤 योग – वृद्धि सुबह 07:21 तक तत्पश्चात ध्रुव
🌤 राहुकाल – सुबह 09:30 से सुबह 11:06 तक
🌤 सूर्योदय – 05:38
🌤 सूर्यास्त – 06:16
👉 दिशाशूल – पूर्व दिशा मे
🚩 व्रत पर्व विवरण – श्रीकृष्ण जन्माष्टमी (भागवत),दही हांडी
💥 विशेष – *अष्टमी को नारियल का फल खाने से बुद्धि का नाश होता है (ब्रह्मवैवर्त पुराण ब्रह्म खण्ड: 27,29,34)
💥 चतुर्मास के दिनों में ताँबे व काँसे के पात्रों का उपयोग न करके अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करना चाहिए।(स्कन्द पुराण)
💥 चतुर्मास में पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करना पापनाशक है।
🌷 श्रीकृष्ण-जन्माष्टमीव्रत की कथा एवं विधि 🌷
➡ 16 अगस्त 2025 शनिवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी है।
🙏 भविष्यपुराण उत्तरपर्व अध्याय – २४
🙏 राजा युधिष्ठिर ने कहा – अच्युत ! आप विस्तार से (अपने जन्म-दिन) जन्माष्टमी व्रत का विधान बतलाने की कृपा करें |
🙏 भगवान् श्रीकृष्ण बोले – राजन ! जब मथुरा में कंस मारा गया, उस समय माता देवकी मुझे अपनी गोद में लेकर रोने लगीं | पिता वसुदेवजी भी मुझे तथा बलदेवजी आलिंगन कर गद्गदवाणी से कहने लगे – ‘आज मेरा जन्म सफल हुआ, जो मैं अपने दोनों पुत्रों को कुशल से देख रहा हूँ | सौभाग्य से आज हम सभी एकत्र मिल रहे हैं |’ हमारे माता-पिता को अति हर्षित देखकर बहुत से लोग वहाँ एकत्र हुए और मुझसे कहने लगे – ‘भगवन ! आपने बहुत बड़ा काम किया, जो इस दुष्ट कंसको मारा | हम सभी इससे बहुत पीड़ित थे | आप कृपाकर यह बतलाये कि आप माता देवकी के गर्भ से कब आविर्भूत हुए थे ? हम सब उस दिन महोत्सव मनाया करेंगे | आपको बार-बार नमस्कार है, हम सब आपकी शरण में हैं | आप हम पर प्रसन्न होइये | उस समय पिता वसुदेवजी ने भी मुझसे कहा था कि अपना जन्मदिन इन्हें बता दो |’
🙏 तब मैंने मथुरानिवासी जनों को जन्माष्टमी व्रत का रहस्य बतलाया और कहा – ‘पुरवासियों ! आपलोग मेरे जन्म दिन को विश्व में जन्माष्टमी के नाम से प्रसारित करें | प्रत्येक धार्मिक व्यक्ति को जन्माष्टमी का व्रत अवश्य करना चाहिये | जिस समय सिंह राशि पर सूर्य और वृषराशिपर चन्द्रमा था, उस भाद्रपद मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को अर्धरात्रि में रोहिणी नक्षत्र में मेरा जन्म हुआ | वसुदेवजी के द्वारा माता देवकी के गर्भ से मैंने जन्म लिया | यह दिन संसार में जन्माष्टमी नाम से विख्यात होगा | प्रथम यह व्रत मथुरा में प्रसिद्ध हुआ और बाद में सभी लोकों में इसकी प्रसिद्धी हो गयी | इस व्रत के करने से संसार में शान्ति होगी, सुख प्राप्त होगा और प्राणिवर्ग रोगरहित होगा |’
🙏 महाराज युधिष्ठिर ने कहा – भगवन ! अब आप इस व्रत का विधान बतलाये, जिसके करने से आप प्रसन्न होते हैं |
🙏 भगवान श्रीकृष्ण बोले – महाराज ! इस एक ही व्रत के कर लेने से सात जन्म के पाप नष्ट हो जाते हैं | व्रत के पहले दिन दंतधावन आदि करके व्रत का नियम ग्रहण करें | व्रत के दिन मध्यान्ह में स्नान कर माता भगवती देवकी का एक सूतिका गृह बनाये | उसे पद्मरागमणि और वनमाला आदिसे सुशोभित करें | गोकुल की भांति गोप, गोपी, घंटा, मृदंग, शंख और मांगल्य-कलश आदिसे समन्वित तथा अलंकृत सुतिका-गृह के द्वारपर रक्षा के लिए खणग, कृष्ण छाग, मुशल आदि रखे | दीवालों पर स्वस्तिक आदि मांगलिक चिन्ह बना दें | षष्ठीदेवी की भी नैवेद्य आदि के साथ स्थापना करें | इस प्रकार यथाशक्ति उस सूतिकागृह को विभूषितकर बीच में पर्यंक के ऊपर मुझसहित अर्धसुप्तावस्थावाली, तपस्विनी माता देवकी की प्रतिमा स्थापित करें | प्रतिमाएँ आठ प्रकार की होती हैं –स्वर्ण, चाँदी, ताम्र, पीतल, मृत्तिका, काष्ठ की मणिमयी तथा चित्रमयी | इनमे से किसी भी वस्तुकी सर्वलक्षणसम्पन्न प्रतिमा बनाकर स्थापित करें | माता देवकी का स्तनपान करती हुई बालस्वरूप मेरी प्रतिमा उनके समीप पलंग के ऊपर स्थापित करें | एक कन्या के साथ माता यशोदा की प्रतिमा भी वहां स्थापित की जाय | सूतिका-मंडप के ऊपर की भित्त्तियों में देवता, ग्रह, नाग तथा विद्याधर आदि की मूर्तियाँ हाथोसे पुष्प-वर्षा करते हुए बनाये | वसुदेवजी को सूतिकागृह के बाहर खणग और ढाल धारण किये चित्रित करना चाहिये | वसुदेवजी महर्षि कश्यप के अवतार हैं और देवकी माता अदितिकी | बलदेवजी शेषनाग के अवतार हैं, नन्दबाबा दक्षप्रजापति के, यशोदा दिति की और गर्गमुनि ब्रह्माजी के अवतार हैं | कंस कालनेमिका अवतार है | कंस के पहरेदारों को सूतिकागृह के आस-पास निद्रावस्था में चित्रित करना चाहिये | गौ, हाथी आदि तथा नाचती-गाती हुई अप्सराओं और गन्धर्वो की प्रतिमा भी बनाये | एक ओर कालिया नाग को यमुना के ह्रदय में स्थापित करें |
🙏 इसप्रकार अत्यंत रमणीय नवसुतिका-गृह में देवी देवकी की स्थापनकर भक्ति से गंध, पुष्प, अक्षत, धूप, नारियल, दाडिम, ककड़ी, बीजपुर, सुपारी, नारंगी तथा पनस आदि जो फल उस देशमें उससमय प्राप्त हों, उन सबसे पूजनकर माता देवकी की इसप्रकार प्रार्थना करे –
🌷 गायभ्दि: किन्नराध्यै: सततपरिवृता वेणुवीणानीनादै भृंगारादर्शकुम्भप्रमरकृतकरै: सेव्यमाना मुनीन्द्रै: |
पर्यन्गे स्वास्तृते या मुदित्ततरमना: पुत्रिणी सम्यगास्ते सा देवी देवमाता जयति सुवदना देवकी कान्तरूपा ||
🙏 ‘जिनके चारों ओर किन्नर आदि अपने हाथों में वेणु तथा वीणा-वाद्यों के द्वारा स्तुति-गान कर रहे हैं और जो अभिषेक-पात्र, आदर्श, मंगलमय कलश तथा चँवर हाथों में लिए श्रेष्ठ मुनिगणोंद्वारा सेवित हैं तथा जो कृष्ण-जननी भलीभांति बिछे हुए पलंगपर विराजमान हैं, उन कमनीय स्वरुपवाली सुवदना देवमाता अदिति-स्वरूपा देवी देवकी की जय हो |’
🙏 उससमय यह ध्यान करें कि कमलासना लक्ष्मी देवकी के चरण दबा रही हो | उन देवी लक्ष्मी की – ‘नमो देव्यै महादेव्यै शिवायै सततं नम: |’ इस मन्त्र से पूजा करे | इसके बाद ‘ॐ देवक्यै नम:, ॐ वासुदेवाय नम:, ॐ बलभद्राय नम:, ॐ श्रीकृष्णाय नम:, ॐ सुभद्रायै नम:, ॐ नन्दाय नम: तथा ॐ यशोदायै नम:’ – इन नाम-मन्त्रों से सबका अलग-अलग पूजन करें |
🙏 कुछ लोग चन्द्रमा के उदय हो जानेपर चंद्रमा को अर्घ्य प्रदान कर हरि का ध्यान करते हैं, उन्हें निम्नलिखित मन्त्रों से हरि का ध्यान करना चाहिये –
🌷 अनघं वामनं शौरि वैकुण्ठ पुरुषोत्तमम |
वासुदेवं हृषीकेशं माधवं मधुसूदनम ||
वाराहं पुण्डरीकाक्षं नृसिंहं ब्राह्मणप्रियम |
दामोदरं पद्यनाभं केशवं गरुड़ध्वजम |
गोविन्दमच्युतं कृष्णमनन्तमपराजितम |
अघोक्षजं जगद्विजं सर्गस्थित्यन्तकारणम |
अनादिनिधनं विष्णुं त्रैलोक्येश त्रिविक्रमम |
नारायण चतुर्बाहुं शंखचक्रगदाधरम |
पीताम्बरधरं नित्यं वनमालाविभूषितम |
श्रीवत्सांग जगत्सेतुं श्रीधरं श्रीपति हरिम || (उत्तरपर्व ५५/४६ – ५०)
🙏 इन मन्त्रों से भगवान् श्रीहरि का ध्यान करके ‘योगेश्वराय योगसम्भवाय योगपतये गोविन्दाय नमो नम:’ – इस मन्त्र से प्रतिमा को स्नान कराना चाहिये | अनन्तर ‘यज्ञेश्वराय यज्ञसम्भवाय यज्ञपतये गोविन्दाय नमो नम:’ – इस मंत्रसे अनुलोपन, अर्घ्य, धूप, दीप आदि अर्पण करें | तदनंतर ‘विश्वाय विश्वेश्वराय विश्वसम्भवाय विश्वपतये गोविन्दाय नमो नम: |’ इस मन्त्र से नैवेद्य निवेदित करें | दीप अर्पण करने का मन्त्र इसप्रकार हैं – धम्रेश्वराय धर्मपतये धर्मसम्भवाय गोविन्दाय नमो नम: |’
🙏 इसप्रकार वेदी के ऊपर रोहिणी-सहित चन्द्रमा, वसुदेव, देवकी, नन्द, यशोदा और बलदेवजी का पूजन करें , इससे सभी पापों से मुक्ति हो जाती हैं | चंद्रोदय के समय इस मन्त्र से चंद्रमा को अर्घ्य प्रदान करें –
🌷 क्षीरोदार्नवसम्भूत अत्रिनेत्रसमुद्भव |
गृहनार्घ्य शशाकेंदों रोहिण्या सहितो मम || (उत्तरपर्व ५५/५४)
🙏 आधी रात को गुड और घी से वसोर्धारा की आहुति देकर षष्ठीदेवी की पूजा करे | उसी क्षण नामकरण आदि संस्कार भी करने चाहिये | नवमी के दिन प्रात:काल मेरे ही समान भगवती का भी उत्सव करना चाहिये | इसके अनन्तर ब्राह्मणों को भोजन कराकर ‘कृष्णो में प्रीयताम’ कहकर यथाशक्ति दक्षिणा देनी चाहिये |
🙏 धर्मनंदन ! इसप्रकार जो मेरा भक्त पुरुष अथवा नारी देवी देवकी के इस महोत्सव को प्रतिवर्ष करता हैं, वह पुत्र, सन्तान, आरोग्य, धन-धान्य, सदगृह, दीर्घ आयुष्य और राज्य तथा सभी मनोरथों को प्राप्त करता हैं | जिस देशमें यह उत्सव किया जाता है, वहाँ जन्म-मरण, आवागमन की व्याधि, अवृष्टि तथा ईति-भीती आदि का कभी भय नहीं रहता | मेघ समयपर वर्षा करते हैं | पांडूपुत्र ! जिस घर में यह देवकी-व्रत किया जाता हैं, वहाँ अकालमृत्यु नहीं होती और न गर्भपात होता हैं तथा वैधव्य, दौर्भाग्य एवं कलह नहीं होता | जो एक बार भी इस व्रत को करता हैं, वह विष्णुलोक को प्राप्त होता है | इस व्रत के करनेवाले संसार के सभी सुखों को भोगकर अंत में विष्णुलोक में निवास करते हैं |
🙏 इति श्री भविष्यपुराण का उत्तरपर्व का चौवीसवाँ अध्याय समाप्त हुआ |



