राजकोष कंगाल,सिस्टम बेहाल,प्रतुल शहदेव ने उठाए वेतन भुगतान पर सवाल
रांची: भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने राज्य सरकार पर वित्तीय कुप्रबंधन का आरोप लगाते हुए कहा कि झारखंड में पहली बार 11 तारीख तक भी सरकारी कर्मचारियों को वेतन नहीं मिला है। उन्होंने बताया कि करीब 2.35 लाख नियमित अधिकारी-कर्मचारी और 40–45 हजार संविदा व आउटसोर्स कर्मी, यानी लगभग 2.75 लाख लोग भुगतान से वंचित हैं। इन पर आश्रित लगभग 15 लाख लोग भी आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं, जिससे घर का बजट, बच्चों की फीस और ईएमआई प्रभावित हो रही है।
उन्होंने कहा कि सामान्यतः हर साल 5 अप्रैल तक वेतन भुगतान हो जाता था, लेकिन इस बार सरकार की वित्तीय स्थिति कमजोर दिख रही है। प्रतुल ने आरोप लगाया कि 31 मार्च तक सरकार 22,000 करोड़ रुपये खर्च नहीं कर पाई, जो वित्तीय कुप्रबंधन का प्रमाण है। साथ ही, राजस्व संग्रह भी लक्ष्य के अनुसार नहीं हुआ।
उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा 31 मार्च को राज्य को मिली वित्तीय सहायता का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि इसके बावजूद खजाना खाली क्यों है।
प्रतुल शाह देव ने हेमंत सोरेन सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री आवास के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान है, लेकिन कर्मचारियों के वेतन के लिए धन नहीं है।



