इस बार नई नवेली सुहागिनों के लिए वट सावित्री व्रत पर ब्रेक, नहीं कर सकेंगी पूजा*
इस वर्ष पहली बार व्रत करने वाली व्रतियों को वट सावित्री व्रत से लेकर हरितालिका तीज व्रत, श्रीदुर्गा अष्टमी, करवा चौथ, आंवला नवमी, महाशिवरात्रि , एकादशी व्रत समेत कोई भी व्रत करने नहीं बनेगा।*
*शास्त्रों के अनुसार मलमास भले ही एक महीना का होता है। लेकिन इसका प्रभाव पूरे वर्ष भर होता है।*
*मलमास कोई भी महीना में हो उस वर्ष मलमास के पीछे वाले महीने में या आगे वाले महीने में होने वाले कोई व्रत हो पहली बार नहीं करना चाहिए।*
*आज का पंचांग 👇*
*आज का अंग्रेजी दिनांक :*
15.05.2026
श्रीसंवत् २०८३ शक: १९४८ सौम्यायन सौम्यगोल: बसंत ऋतु। श्रीसूर्य: उत्तरायण।
हिन्दी माह : शुद्ध ज्येष्ठ
पक्ष : कृष्ण
तिथि : त्रयोदशी
दिन : शुक्रवार
नक्षत्र : अश्विनी
योग : आयुष्मान
करण : वणिज/विष्टि
सूर्योदय : सुबह 05:23 बजे।
सूर्यास्त : शाम 06:37 बजे।
ध्यानार्थ…यहां सूर्योदय और सूर्यास्त का समय पंचांग के अनुसार है। अतः स्थानीय समय बदल जायेंगे।
आज का सूर्य : मेष राशि में।
आज का चंद्रमा : मेष राशि में।
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*आज का दिशा शूल :* पश्चिम।
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*आज का राहुकाल :* दिन में 10:30 से 12:00 बजे तक।
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*आज पर्व-त्यौहार व मुहूर्त :* आज शुद्ध ज्येष्ठ महीने के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि है। प्रातः 5:52 तक त्रयोदशी तिथि है। उसके बाद चतुर्दशी तिथि हो करेगा। हालांकि उद्याकाल के अनुसार दिनभर त्रयोदशी तिथि का ही मान होगा। चूंकि चतुर्दशी तिथि का क्षय हुआ है। आज प्रातः 5:52 से शाम 4:52 तक भद्रा रहेगा। ऐसे में आज दिन भर सभी प्रकार के शुभ और मांगलिक कार्य वर्जित रहेंगे। आज वृष राशि का संक्रांति है। आज दिन में 10:07 पर सूरज मेष राशि से निकलकर वृष राशि में प्रवेश करेंगे। भगवान सूर्यनारायण के घर बदलने की घटना के साथ ही आज वसंत ऋतु का समापन एवं ग्रीष्म ऋतु का आगाज होगा। आज महाशिवरात्रि व्रत है।
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*आज का खास:*
*व्रत विशेष : इस बार नई नवेली सुहागिनों के लिए वट सावित्री व्रत पर ब्रेक, नहीं कर सकेंगी पूजा*
*मलमास बना बाधा, अगले वर्ष से शुरू कर सकेंगी नये व्रत की शुरुआत*
*शास्त्रों के अनुसार मलमास के वर्ष में कोई भी व्रत का शुभारंभ या उद्यापन नहीं होता है।*
सुहागिनों के द्वारा पति की लंबी उम्र की कामना को लेकर किया जाने वाला वट सावित्री व्रत पर नई सुहागिनों के लिए ब्रेक रहेगा। वजह है मलमास। चूंकि अबकी बार वट सावित्री व्रत के अगले दिन ही मलमास लग रहा है। ऐसे में अब पहली बार वट सावित्री का व्रत रखने वाली सुहागिनों के लिए सवाल है कि, क्या इस साल वट सावित्री व्रत शुरू करना शुभ होगा या नहीं। मेरे सुधी पाठकों! यही संशय दूर करने के लिए आज का खास का कॉलम “आज का खास” में हम वट सावित्री व्रत पर विशेष आलेख प्रस्तुत कर रहे हैं….
इस बार मलमास (अधिक मास) का दोष लग रहा है। ऐसे में पहली बार वट सावित्री व्रत से लेकर कोई भी व्रत की शुरुआत नहीं की जा सकती है। मलमास के वर्ष में कोई भी व्रत का शुभारंभ या उद्यापन नहीं होता है। ऐसे में इस बार नई नवेली सुहागिनों को वट सावित्री व्रत नहीं करना चाहिए। इतना ही नहीं इस वर्ष पहली बार वट सावित्री व्रत से लेकर हरितालिका तीज व्रत, श्रीदुर्गा अष्टमी, करवा चौथ, छठ महापर्व, आंवला नवमी, एकादशी व्रत समेत कोई भी व्रत करने नहीं बनेगा। शास्त्रों के अनुसार मलमास भले ही एक महीना का होता है। लेकिन इसका प्रभाव पूरे वर्ष होता है। मलमास कोई भी महीना हो उस वर्ष मलमास के पीछे वाले महीने में या आगे वाले महीने में होने वाले कोई व्रत हो पहली बार नहीं करना चाहिए। हां पूर्व में आप व्रत कर चुके हैं तो फिर आपके साथ मलमास का दोष नहीं लगेगा। आप व्रत कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि वट सावित्री व्रत सुहागिन महिलाएं करती हैं। इस व्रत में पति की लंबी उम्र की कामना की जाती है। इस वर्ष जिन युवतियों का विवाह हुआ है। वे नई नवेली दुल्हन बनाकर ससुराल पहुंची हैं और पहली बार वट सावित्री व्रत करने की तैयारी में हैं तो उन्हें इस बार रुक जाना चाहिए। चूंकि मलमास दोष के कारण उन्हें इस बार व्रत करने नहीं बनेगा। इतना ही नहीं वे इस वर्ष तीज, करवा चौथ समेत अन्य कोई भी व्रत नहीं कर सकेंगे
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आलेख…
*पं. चेतन पाण्डेय*
*जन्मकुण्डली, वास्तु व कर्मकांड परामर्श*
*संपर्क : 9905507766*
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