कलयुग में भगवान के नाम की अपार महिमा है : भूपेंद्र जी महाराज
रांची : वृंदावन कॉलोनी रांची आयोजित भागवत कथा में श्री धाम वृंदावन से पधारे भूपेंद्र कृष्ण जी महाराज ने तृतीय दिवस में भगवान के नाम की महिमा का महत्व बताया कि भगवान के नाम का स्मरण करने वाला पापी से पापी व्यक्ति भी भवसागर से पर हो जाता है अजमल नाम का ब्राह्मण था कन्नौज देश का रहने वाला वह भगवान का भक्ति एवं वेद पूरन शास्त्र को जानने वाला ब्राह्मण था।
लेकिन उसके जीवन में एक घटना हवन पूजन के लिए जब वह है जंगल में समिधा लेने के लिए गया अजामिल ने एक वेश्या को पाप आचरण करते देखा तो मति भ्रष्ट होगयी उस वेश्या के साथ रहकर वह भी महापापी इंसान बन गया।
कुछ समय बाद बेटे का नाम नारायण रखा उसे बेटे से इतना प्रेम हो गया कि प्रत्येक परिस्थिति में नारायण नारायण स्मरण करता रहता नाम के प्रभाव से अंत समय में भगवान के धाम को प्राप्त किया।इसके बाद भक्त प्रह्लाद की मंगलमयी कथा श्रवण कराते कहा कि भक्त प्रहलाद के जीवन में भगवान की भक्ति करते हुए अनेक संकटों का सामना करना पड़ा यहां तक की पिता हिरण्यकश्यप भी शत्रु बन गया
लेकिन प्रहलाद ने भगवान का आश्रय नहीं छोड़ा उनकी निष्ठा को देख कर नृसिंह अवतार लेकर भगवान ने अपने भक्त की रक्षा की
इस कथा से यह शिक्षा मिलती है कि भगवान के भक्त को अनेक विपरीत परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है लेकिन अपनी भक्ति निष्ठा श्रद्धा प्रेम भगवान के प्रति समर्पण होगा तो भगवान अपने भक्त की स्वयं रक्षा करते हैं।
सुंदर-सुंदर भगवान की झांकियों के माध्यम से हजारों भक्तों ने दर्शन लाभ प्राप्त किया
आयोजक श्री राजेश कुमार सिंह जी सा परिवार तथा इष्ट मित्रों के साथ उपस्थित रहे



