न्याय की आस में सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर पीड़ित परिवारपुश्तैनी जमीन बंटवारे और मारपीट का मामला
धनबाद: गोविंदपुर अंचल अंतर्गत बरवाअड्डा थाना क्षेत्र के साधोबाद गांव निवासी झरी महतो (पिता–स्व. विनोद महतो) अपनी पुश्तैनी जमीन के बंटवारे और उस पर कथित जबरन कब्जे को लेकर वर्षों से न्याय की गुहार लगा रहे हैं। पीड़ित परिवार का आरोप है कि गांव के ही चाचा-जेठा के बेटों द्वारा बिना आपसी बंटवारा किए उनकी खानदानी जमीन पर कब्जा किया जा रहा है।
झरी महतो, सुबोध महतो सहित परिजनों ने बताया कि जमीन विवाद के कारण उनके परिवार के साथ मारपीट की घटना भी हुई, जिसमें झरी महतो की बेटी के साथ भी मारपीट और दुर्व्यवहार किया गया। इस संबंध में पीड़ित पक्ष द्वारा बरवाअड्डा थाना, गोविंदपुर अंचल कार्यालय, पुलिस उपाधीक्षक धनबाद-1, ग्रामीण एसपी कार्यालय, वरीय पुलिस अधीक्षक तथा उपायुक्त कार्यालय धनबाद में कई बार लिखित आवेदन सौंपा गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है।
पीड़ितों का कहना है कि उन्होंने पंचायत स्तर पर खरनी पंचायत के मुखिया से लेकर जिला प्रशासन के तमाम संबंधित विभागों तक अपनी समस्या रखी, बावजूद इसके अधिकारियों की कथित उदासीनता के चलते न तो उनकी पुश्तैनी जमीन का विधिवत बंटवारा कराया गया और न ही मारपीट की घटना में शामिल आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि न्याय की उम्मीद में वे लगातार अंचल और जिला कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन केवल आश्वासन ही मिल रहे हैं। अंततः झरी महतो और उनके परिजनों ने बरवाअड्डा थाना, गोविंदपुर अंचल कार्यालय तथा धनबाद जिला प्रशासन से पुश्तैनी जमीन के शीघ्र बंटवारे और बेटी के साथ हुई मारपीट मामले में निष्पक्ष जांच कर न्याय दिलाने की मांग की है।



