सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि भारत में आदिवासी कौन हैं और जनजाति कौन है?- अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद्

रांची: अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद् के कार्यालय मे बुधवार को एक आवश्यक बैठक की गई. इस बैठक में परिषद् के सभी पदाधिकारियों ने आदिवासी सभ्यता संस्कृति और आदिवासीयों के प्रति सरकार के सौतेलापन व्यवहार पर नाराजगी जाहिर की. अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद् के अध्यक्ष सत्यनारायण लकड़ा ने कहा कि पुरे विश्व विशेषकर भारत में आदिवासी सबसे पहला निवासी रहे हैं. इस बात को बुद्धिजीवियों, मानव शास्त्रीयों एवं इतिहासकारों ने भी स्वीकारा है. भारत के उच्चतम न्यायालय ने भी माना है कि आदिवासी हीं देश की धरती का प्रथम निवासी हैं. देश में प्राचीन काल में भी मुग़ल साम्राज्य से अंग्रेजी हुकूमत के समय में बोलचाल की भाषा में आदिवासी शब्द का उपयोग होता था. भारत की आजादी के बाद जब संबिधान बना तब उसमें आदिवासी शब्द को विलोपित करते हुए उसकी जगह जनजाति शब्द लगा दिया गया, यह बड़ी विडम्बना की बात है और आदिवासी समाज में इससे असमंजस की स्थिति बनी हुई है. सरकार यह स्पष्ट करे कि आदिवासी कौन हैं और जनजाति कौन है? उन्होंने यह भी कहा कि भारत सरकार ने शुरू से हीं आदिवासियों को खिचड़ी बना कर रख दिया है. एक तरफ कुछ आदिवासी धर्म परिवर्तन करके विदेशी धर्म अपना लिए हैं और उनकी संस्कृति, परम्परा, मान्यतायें, रीति रीवाज, रहन सहन एवं खान-पान को अपना चुके हैं. संविधान में आदिवासी शब्द की परिभाषित मूल्य तत्व को हीं सरकार ने ख़त्म कर दिया है और दूसरे धर्म अपनाने वाले आदिवासी हीं सरकार की योजनाओं का 90% फायदा उठा रहे हैं और मूल आदिवासी मुक-बघिर बने हुए हैं. परिषद् के महासचिव जादो उराव ने इस सम्बन्ध में कहा कि सरकार की ऐसी चापलूसी नीति कब तक चलेगी? सरकार की गलत नीति के कारण आदिवासी समाज राष्ट्र की मुख्य धारा से कोसों दूर हैं. सरकार की नीति के मुताबिक लगता है कि आदिवासियों को देश में जीने का अधिकार नहीं है. सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि भारत में आदिवासी कौन हैं और जनजाति कौन है?
इस बैठक में मुख्य रूप से परिषद के अध्यक्ष सत्यनारायण लकड़ा, कार्यकारी अध्यक्ष बाना मुंडा, महासचिव जादो उराव, संयुक्त सचिव विमल कच्छप, अजय लिंडा, दीपक जायसवाल, जय बक्शी, प्रदीप कुमार आदि उपस्थित थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *