प्रकृति पर्व करम केवल एक त्योहार नहीं बल्कि जीवन को समृद्ध बनाने का अवसर है: मसीह गुड़िया 

गणादेश,खूंटी : खूंटी जिले के आस-पास के गांवों में प्रत्येक वर्ष की भांति अश्विनी दशमी को दसांई करम आयोजित की गई। कुंजला में भी बृहस्पतिवार को करम पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। पहानों की अगुवाई में विभिन्न प्रकार के बीजों से तैयार जावा एवं करम डाली अखड़ा में स्थापित की गई और भगवान सिङबोंगा की पूजा कर सुख, शांति एवं खुशहाली की कामना की. जावा फूल सौहार्द व खुशहाली का प्रतीक है जिसे पुरुष कान और महिलाएं कोपों में एक-दूसरे को खुशहाली की शुभकामनाएं दिए. इसमें आस-पास के गांवों के सैंकड़ों महिला-पुरुष करम गीतों धुन पर रात भर थिरके. महिलाएं लाल पाड़ साड़ी एवं पुरुष सफेद छोती कुर्ता में लय व ताल पर नाच रहे थे।  इस अवसर पर मसीह गुड़िया ने कहा कि करम न केवल एक त्योहार नहीं बल्कि यह जीवन को समृद्ध बनाने का अवसर है. अपने कर्मों के प्रति आत्मचिंतन-मंथन तथा विचार करने का दिन है. यह समाज में प्रेम एवं भाईचारा का पैगाम बढ़ता है जिससे समाज में सुख, शांति और खुशहाली आती है. इस अवसर पर दुर्गावती ओड़ेया, सुभासिनी पुर्ती, मथुरा कंडीर, चोंगे भेंगरा, मसीह भेंगरा, रोम तोपनोआदि गणमान्य लोग शामिल हुए।

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