देवघर से बासुकीनाथ जा रही थी बस,चालक ने झपकी,हो गई बड़ी घटना,स्थानीय लोग और जिला प्रशसन ने क्या कहा..
रांची : मंगलवार की सुबह देवघर-बासुकीनाथ जाने के क्रम में सरठ के पास कावड़ियों से भरी बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई. इसमें पांच कावारिया की मौत हो गई है,जबकि 26 घायल होने की सुचना है.
दुर्घटना की सुचना मिलते ही जिला प्रशासन बचाव और राहत के कार्यों में जुट गया है. हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को तत्काल देवघर सदर अस्पताल और बासुकीनाथ उपस्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। गंभीर रूप से घायलों को बेहतर इलाज के लिए रांची रेफर किया गया है। प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य में जुट गई।
समय पर गांव वाले मदद करते तो मेरी पत्नी बच जाती
घायल कवारियां सुनील कुमार ने कहा कि अचानक सड़क पर बड़ा पत्थर आ गया. इससे चालक ने उसपर अपना नियत्रण खो दिया,इसके बाद बस दुर्घटनाग्रस्त हो गया. सुनील ने बताया कि मै तो किसी तरह बस से निकल गया. लेकिन मेरी पत्नी सुमन कुमारी बस में एक एक घंटे तक फंसी रही,किसी ने मदद नहीं किया. यदि समय पर मदद हो जाट तो आज मेरी पत्नी बच जाती.
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस तेज रफ्तार में थी और मोड़ पर ड्राइवर ने नियंत्रण खो दिया, जिससे बस सड़क किनारे गड्ढे में पलट गई। हादसे के वक्त अधिकतर कांवड़िए सो रहे थे। घटना के बाद चारों ओर अफरा-तफरी मच गई।
बताया जा रहा है कि यह बस बिहार के नवादा जिले से कांवड़ियों को लेकर आई थी, जो देवघर में जलाभिषेक के बाद बासुकीनाथ धाम दर्शन को जा रही थी। मृतकों की पहचान की जा रही है और उनके परिजनों को सूचित किया जा रहा है।
इस हादसे ने पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ा दी है। प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं। सावन की आस्था में डूबे श्रद्धालुओं के लिए यह हादसा एक बड़ी त्रासदी बन गया।
स्थानीय लोगों ने क्या कहा
हादसे के बाद घटनास्थल पर पहुंचे स्थानीय लोग राधेश्याम सिंह,मोहन महतो,मनोज पासवान अदि लोगों ने बताया कि बस बहुत तेज गति में थी और ड्राइवर ने मोड़ पर नियंत्रण खो दिया। कुरसेला मोड़ पहले से ही दुर्घटनाजनक स्थल माना जाता है, जहां पहले भी कई हादसे हो चुके हैं।
एक ग्रामीण प्रत्यक्षदर्शी रामचंद्र ठाकुर ने कहा, “हम लोग पास के खेत में काम कर रहे थे तभी एक जोरदार आवाज सुनाई दी। दौड़कर पहुंचे तो देखा बस पलटी हुई थी और लोग उसमें फंसे हुए थे। कई लोग खून से लथपथ थे। हमने बिना देरी किए आसपास के लोगों को बुलाकर घायलों को बाहर निकालना शुरू किया।”
वहीं एक अन्य स्थानीय महिला रीना देवी ने कहा, “यह जगह बेहद खतरनाक है। यहां कोई स्पीड ब्रेकर नहीं है और ना ही चेतावनी बोर्ड। अगर सरकार ने पहले से ध्यान दिया होता तो शायद ये जानें बच सकती थीं।”
घटनास्थल पर पहुंचे एक दुकानदार विजय मंडल ने बताया, “बस की रफ्तार बहुत तेज थी, ड्राइवर ने जैसे ही मोड़ काटा, बस पलट गई। हमें प्रशासन को पहले ही बताना चाहिए था कि सावन में इस रास्ते पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई जाए।”
स्थानीय लोगों ने यह भी कहा कि प्रशासन को इस मार्ग पर चेतावनी बोर्ड, स्पीड ब्रेकर और ट्रैफिक पुलिस की व्यवस्था करनी चाहिए, खासकर सावन जैसे भीड़भाड़ वाले महीनों में। ग्रामीणों की तत्परता से कई घायलों की जान बचाई जा सकी। लोगों की मांग है कि मृतकों के परिजनों को मुआवजा और घायलों को मुफ्त इलाज की व्यवस्था की जाए।
कावारिया कहाँ से आये हैं :
इस हादसे में घायल और मृत कांवड़िए बिहार के नवादा जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं। ये सभी श्रावणी मेला के दौरान देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम में जलार्पण करने के बाद बासुकीनाथ धाम की ओर जा रहे थे।
बस बिहार के नवादा जिले से ही कांवड़ियों को लेकर आई थी और देवघर दर्शन के बाद बासुकीनाथ जा रही थी, तभी सारठ थाना क्षेत्र के कुरसेला मोड़ के पास यह भीषण दुर्घटना हो गई। मृतकों में अधिकांश नवादा के अकबरपुर, हिसुआ और पकरीबरावां प्रखंड क्षेत्रों के श्रद्धालु थे। प्रशासन द्वारा उनकी पहचान की प्रक्रिया जारी है और संबंधित परिजनों को सूचित किया जा रहा है।
बिहार से बड़ी संख्या में हर साल कांवड़िए झारखंड के देवघर और बासुकीनाथ धाम जलार्पण के लिए आते हैं। इस दुर्घटना ने श्रावणी यात्रा के इस धार्मिक वातावरण को गमगीन कर दिया है।
स्थानीय प्रशासन ने क्या कहा:- इस भीषण हादसे के बाद देवघर जिला प्रशासन की टीमें मौके पर तुरंत पहुँचकर राहत और बचाव कार्य में जुट गईं। घायलों को तुरंत निकाला गया और देवघर के विभिन्न अस्पतालों तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराया गया
पुलिस तथा प्रशासन का कहना है कि प्रारंभिक रिपोर्ट में मृतकों की संख्या 6 बताई गई थी, लेकिन बाद में शवों की संख्या बढ़कर 18 हो गई थी। घायल श्रद्धालुओं की संख्या दर्जनों में बताई जा रही है
वहीँ इस हादसे पर स्थानीय सांसद निशिकांत दुबे ने ट्वीट कर लिखा कि मेरे लोकसभा के देवघर में श्रावण मास में कांवर यात्रा के दौरान बस और ट्रक दुर्घटनाग्रस्त होने के कारण 18 श्रद्धालुओं की मौत हो गई है। बाबा बैद्यनाथ जी उनके परिजनों को दुख सहने की शक्ति प्रदान करे.



