नेताजी की प्रतिमा पर पड़ रही भाजपा ध्वज की छाया, खूंटी में उठा सम्मान का सवाल
खूंटी : सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा के सामने लगा भाजपा का विशाल ध्वज अब खूंटी में चर्चा और बहस का विषय बन गया है। नेताजी चौक पर स्थापित यह बड़ा पार्टी ध्वज तेज हवा चलने पर लगातार प्रतिमा से टकरा रहा है। कई बार स्थिति ऐसी बन जाती है कि प्रतिमा का आधा हिस्सा पूरी तरह झंडे से ढक जाता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह केवल तकनीकी या व्यवस्थागत चूक नहीं, बल्कि राष्ट्रनायकों के सम्मान से जुड़ा संवेदनशील मुद्दा है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व समर्पित कर दिया था। ऐसे में उनकी प्रतिमा किसी राजनीतिक दल के झंडे के पीछे छिपती दिखाई दे, यह दृश्य लोगों को असहज कर रहा है।
भारतीय जनता पार्टी हमेशा अपने विचारों और संविधान में राष्ट्रपुरुषों के सम्मान को सर्वोच्च बताने की बात करती रही है। इसी कारण अब सवाल उठ रहे हैं कि ध्वज लगाने के दौरान स्थान और ऊंचाई का ध्यान क्यों नहीं रखा गया। स्थानीय प्रशासन और पार्टी कार्यकर्ताओं से अपेक्षा की जा रही है कि वे इस मामले को गंभीरता से लें और ऐसी व्यवस्था करें जिससे किसी भी महापुरुष की गरिमा प्रभावित न हो।
नेताजी की प्रतिमा वर्षों से लोगों को देशभक्ति और बलिदान की प्रेरणा देती रही है। वहीं दूसरी ओर राजनीति के प्रतीक के रूप में लगाया गया विशाल ध्वज अब अनजाने में उस इतिहास को ढकता नजर आ रहा है, जिसे पूरा देश सम्मान देता है।



