18जुलाई शुक्रवार का राशिफल एवं पंचांग ,पढ़िए आज आपके भाग्य में क्या अच्छा है ..

मेष राशि: आप साहसी और गतिशील होते हैं। मेष राशि, राशि चक्र का पहला चिन्ह है। इस राशि के तहत पैदा हुए व्यक्ति अपने साहस, ऊर्जा और दृढ़ संकल्प के लिए जाने जाते हैं। आप चुनौतियों का सामना करना जानते हैं और आप एक नेता के गुण वाले होते हैं, जो अक्सर उत्साह और जुनून के साथ नए काम शुरू करते हैं।

वृषभ राशिफल: वृषभ राशि वालों, आप ज़मीन से जुड़े व्यक्ति होते हैं, वृषभ का चिन्ह बैल होता है। इस राशि के तहत जन्म लेने वाले लोग अपनी व्यावहारिकता, दृढ़ संकल्प और जीवन में बेहतर चीजों के प्रति प्रेम के लिए जाने जाते हैं। वृषभ राशि के लोग वफादार प्रवृति के होते हैं।

मिथुन राशिफल: मिथुन राशि वालों, आप बहुमुखी और जिज्ञासु होते हैं। इस राशि के तहत पैदा हुए व्यक्ति अपनी अनुकूलन क्षमता और बुद्धि के लिए जानें जाते हैं। आप सामाजिक कार्यों और संचार में माहिर होते हैं।

कर्क राशि वालों, आप दूसरों का ख्याल रखने और दूसरे के प्रति सहानुभूति रखने वाले होते हैं। कर्क राशि का राशि चिन्ह केकड़ा होता है। इस राशि के अंतर्गत जन्म लेने वाले लोग में गहन अंतर्ज्ञान और समानता होती है, आप आपस में घर और परिवार से गहरा संबंध रखते हैं। कर्क राशि वाले अपनी निष्ठावान और विशिष्ट स्वभाव के लिए जाते हैं।

सिंह राशि: आप आत्मविश्वासी और करिश्माई व्यक्तित्व वाले होते हैं। सिंह राशि का राशि चिन्ह शेर होता है। इस राशि के तहत पैदा हुए व्यक्ति स्वाभाविक रूप से नेता जैसे होते हैं, आपका व्यक्तित्व आकर्षक होता है और आपमें नाटकीयता की प्रवृत्ति होती है। सिंह राशि वाले महत्वाकांक्षी, रचनात्मक और सुर्खियों में बने रहने वाले होते हैं।

कन्या राशि: आप व्यावहारिक और विश्लेषणात्मक होते हैं। इस चिन्ह के तहत जन्म लेने वाले लोग सावधानीपूर्वक और विस्तार-उन्मुख निर्णय लेने वाले होते हैं, जिनमें कर्तव्य और सेवा की प्रबल भावना होती है। साथ ही आप पूर्णतावादी होते हैं। आप हमेशा अपने हर काम में बेहतर करने का प्रयास करते हैं।

तुला राशि: आप कूटनीतिक और सामंजस्यपूर्ण रिश्ता निभाने वाले होते हैं। तुला का राशि चिन्ह तराजू होता है। इस राशि के तहत पैदा हुए व्यक्ति अपनी निष्पक्षता, आकर्षण और सुंदरता के प्रति अपने प्रेम के लिए जाने जाते हैं। आप स्वाभाविक रूप से शांतिदूत बनने की कोशिश करने होते हैं। आप हमेशा अपने रिश्तों में संतुलन और सद्भाव की तलाश करने वाले भी होते हैं।

वृश्चिक राशि : आप तीव्र और भावुक भावनाओं वाले होते हैं। वृश्चिक राशि का राशि चिन्ह बिच्छू है। इस राशि के तहत जन्म लेने वाले लोग रहस्यमयी और जटिल प्रवृति वाले होते हैं। आप बेहद वफादार और सुरक्षात्मक होते हैं। आपके पास गहरी अंतर्ज्ञान शक्ति होती है जो आपको गहराई में खोने वाला बनाती है।

धनु राशि: आप साहसी और दार्शनिक प्रवृति के होते हैं। धनु राशि का राशि चिन्ह धनुर्धर है। आप अपने आशावाद, घूमने की लालसा और स्वतंत्रता के प्रति प्रेम के लिए जाने जाते हैं। धनु राशि के लोग सत्य के खोज रखने वाले होते हैं। आप लगातार नए विचारों और अनुभवों की खोज करते रहते हैं।

मकर राशि : आप महत्वाकांक्षी और अनुशासित होते हैं। इस राशि के तहत जन्म लेने वाले लोग मेहनती और व्यावहारिक होते हैं। आपमें जिम्मेदारी और परंपरा की गहरी भावना होती है। मकर राशि वाले अपने चुने हुए प्रयासों में सफल होने और सही परिणाम प्राप्त करने के लिए प्रेरित होते हैं।

कुंभ राशि : आप प्रगतिशील और मानवतावादी नेचर वाले होते हैं। कुंभ राशि का प्रतीक चिन्ह जल वाहक होता है। इस राशि में पैदा हुए व्यक्ति अपनी स्वतंत्र भावना, बौद्धिक कौशल और अपरंपरागत सोच के लिए जाने जाते हैं। आप लोग दूरदर्शी होते हैं। आप अक्सर अपने विचारों और विश्वासों में अपने समय से आगे होते हैं।

मीन राशि : आप दयालु और सहज होते हैं। मछली, मीन राशि का प्रतीक चिन्ह होता है। इस चिन्ह के तहत जन्म लेने वाले लोग गहराई से सहानुभूतिशील और कल्पनाशील होते हैं। आपका अवचेतन क्षेत्र से गहरा संबंध होता है। मीन राशि के लोग सपने देखने वाले होते हैं। आप अक्सर अपनी रचनात्मकता को कला, संगीत या आध्यात्मिक गतिविधियों में लगाते हैं।

🌞 ll~ वैदिक पंचांग ~ll 🌞

🌤  दिनांक – 18 जुलाई 2025

🌤 दिन –  शुक्रवार

🌤 विक्रम संवत 2082

🌤 शक संवत -1947

🌤 अयन – दक्षिणायन

🌤 ऋतु – वर्षा ॠतु

🌤 मास – श्रावण

🌤 पक्ष – कृष्ण

🌤 तिथि – अष्टमी शाम 05:01  तक तत्पश्चात नवमी

🌤 नक्षत्र – अश्विनी 19 जुलाई रात्रि 02:14 तक तत्पश्चात भरणी

🌤 योग – सुकर्मा सुबह 06:48 तक तत्पश्चात धृति

🌤 राहुकाल – सुबह 11:05 से दोपहर 12:45 तक

🌤 सूर्योदय – 05:38

🌤 सूर्यास्त –  06:21

👉 दिशाशूल – पश्चिम दिशा मे

🚩 व्रत पर्व विवरण – पंचक (समाप्त : प्रातः 03:39)

💥 विशेष – अष्टमी को नारियल का फल खाने से बुद्धि का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)

💥 चतुर्मास के दिनों में ताँबे व काँसे के पात्रों का उपयोग न करके अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करना चाहिए।(स्कन्द पुराण)

💥 चतुर्मास में पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करना पापनाशक है।

👉🏻 कब करे एकादशी का व्रत 20 या 21 जुलाई को | कामिका एकादशी व्रत कथा संपूर्ण जानकारी⤵

🌷 शिव विशेष मंत्र 🌷

👉🏻 “ॐ नम: शिवाय शुभं शुभं कुरु कुरु शिवाय नम: ॐ”

“Om Namah Shivay Shubham Shubham Kuru Kuru Shivay Namah Om”

🙏🏻 शिवपुराण, रूद्रसंहिता, युद्ध खंड के अनुसार यह शुभ मन्त्र महान पुण्यमय तथा शिव को प्रसन्न करने वाला है | यह भुक्ति – मुक्ति का दाता, सम्पूर्ण कामनाओं का पूरक और शिवभक्तों के लिये आनंदप्रद है | यह स्वर्गकामी पुरुषों के लिये धन, यश और आयु की वृद्धि करनेवाला है | यह निष्काम के लिये मोक्ष तथा साधन करने वाले पुरुषों के लिये भुक्ति – मुक्ति का साधन है | जो मनुष्य पवित्र होकर सदा इस मन्त्र क कीर्तन करता है, सुनता है अथवा दूसरे को सुनाता है, उसकी सारी अभिलाषाएँ पूर्ण हो जाती हैं |

🌷 चातुर्मास में करने योग्य 🌷

🙏 चातुर्मास में ३ बिल्व पत्र डाल कर “ॐ नमः शिवाय” ५ बार जप करके और “ब्रह्म ही जल रूप बन कर आया है” ऐसी भावना करके नहाना चाहिये । आंवला, जौ और तिल का पेस्ट बनाकर शरीर पर रगड़कर अथवा तो ये तीनो का पाऊडर पानी में डालकर नहाना चाहिये । स्नान में कभी गर्म पानी का प्रयोग ना करें, वायु की तकलीफ वाले ना ज्यादा गर्म ना ज्यादा ठंडा पानी प्रयोग करें। सिर पर तो कभी भी गर्म पानी नहीं डालना चाहिये । ऐसा करने पर सभी तीर्थ स्नान करने का पुण्य मिलता है ।

🌷 गर्भ की रक्षा 🌷

👉 चांदी की कटोरी में दही जमाकर खाने से गर्भपात नहीं होता ।

🌷 बार बार बुखार आना 🌷

👉 बार-बार बुखार आता हो तो भोजन से पहले २-३ ग्राम अदरक और थोड़ा नींबू खाएं फिर भोजन करें ।

              🌞 *~  पंचांग ~* 🌞

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