खूंटी : मानवाधिकार घोषणा की 75वीं वर्षगांठ पर कार्यक्रम, जज राजश्री अपर्णा कुजूर ने कहा—“मानवाधिकारों की रक्षा सर्वोच्च दायित्व”
गणादेश,खूंटी : इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स एसोसिएशन झारखंड प्रदेश के तत्वावधान में खूंटी निरीक्षण भवन परिसर में मानवाधिकार की सार्वभौमिक घोषणा की 75वीं वर्षगांठ मनाई गई। कार्यक्रम का उद्घाटन जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव सह जज राजश्री अपर्णा कुजूर ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। रांची जिला अध्यक्ष शंकर शंभु राजेश और लोहरदगा जिला अध्यक्ष राम जी कुमार मुंडा ने मुख्य अतिथि का शॉल एवं पुष्पगुच्छ से स्वागत किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश महासचिव तपन कुमार घोष ने की।
मुख्य अतिथि जज राजश्री अपर्णा कुजूर ने अपने संबोधन में कहा कि संविधान द्वारा प्रदत्त मानवाधिकारों का संरक्षण प्रत्येक नागरिक का अधिकार है और इसका हनन किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार लोगों को निशुल्क कानूनी सलाह एवं सहयोग प्रदान कर रहा है, इसलिए आमजन को जागरूक होना आवश्यक है।
अध्यक्षता करते हुए तपन कुमार घोष ने कहा कि झारखंड मानवाधिकार आयोग पिछले तीन वर्षों से निष्क्रिय है, जिसके कारण करीब तीन हजार मामले लंबित पड़े हैं। उन्होंने राज्य सरकार से इस दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग की।
मानवाधिकार दिवस पर पश्चिमी सिंहभूम जिला अध्यक्ष डॉ. पी. के. विश्वास और खूंटी जिला अध्यक्ष सुदामणी देवी को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न जिलों के पदाधिकारी एवं सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित थे।



