पेसो के नियमों की अनदेखी,रांची में साधारण जर्किन में बेचा जा रहा पेट्रोल-डीजल
रांची: खाड़ी देशों में जारी तनाव और युद्ध के दौरान पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति को लेकर देशभर में सतर्कता बढ़ाई गई थी। हालांकि वर्तमान में झारखंड सहित पूरे देश में पेट्रोलियम पदार्थों की उपलब्धता सामान्य है, लेकिन सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। राजधानी रांची के कई पेट्रोल पंपों पर पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन के नियमों की खुलेआम अनदेखी किए जाने की शिकायत सामने आई है।
नियमों के अनुसार पेट्रोल और डीजल जैसे ज्वलनशील पदार्थों की बिक्री साधारण प्लास्टिक के डिब्बों या सामान्य जर्किन में नहीं की जा सकती। इसके लिए पेसो द्वारा निर्धारित विशेष सुरक्षा मानकों वाले उच्च गुणवत्ता के कंटेनरों का उपयोग अनिवार्य है। बावजूद इसके कई पेट्रोल पंपों पर लोगों को साधारण जर्किन और प्लास्टिक के डिब्बों में पेट्रोल-डीजल उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है।
जानकारों के अनुसार पेसो मानक वाले जर्किन की कीमत करीब तीन हजार रुपये होने के कारण अधिकांश उपभोक्ता इसकी खरीदारी नहीं करते हैं। इसका लाभ उठाकर कई स्थानों पर सामान्य कंटेनरों में पेट्रोलियम पदार्थ बेचे जा रहे हैं। इससे न केवल सुरक्षा नियमों का उल्लंघन होता है, बल्कि जमाखोरी और कालाबाजारी को भी बढ़ावा मिलता है।
झारखंड पेट्रोल पंप डीलर एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष मानस सिन्हा ने कहा कि किसी भी पेट्रोल पंप संचालक को साधारण डिब्बे या जर्किन में पेट्रोल-डीजल नहीं देना चाहिए। इस संबंध में तेल कंपनियों और पेसो की स्पष्ट गाइडलाइन मौजूद है।



