समय पर एंडोस्कोपी से 1 वर्षीय बच्चे की जान बची, बड़ी सर्जरी की नहीं पड़ी जरूरत
रांची : रांची के लालपुर स्थित अन्वी न्यूबॉर्न एंड चाइल्ड हॉस्पिटल के चिकित्सकों ने समय पर उपचार और उन्नत चिकित्सा तकनीक की मदद से एक वर्ष के बच्चे की छोटी आंत से लोहे की कील सफलतापूर्वक निकालकर उसे गंभीर जटिलताओं से बचा लिया। परिजनों को आशंका थी कि बच्चे ने गलती से कोई धातु की वस्तु निगल ली है, जिसके बाद उसे अस्पताल लाया गया। जांच में छोटी आंत में लोहे की कील होने की पुष्टि हुई।
बच्चे की कम उम्र और कील जैसी नुकीली वस्तु से आंत में छेद, रक्तस्राव, संक्रमण तथा अन्य गंभीर समस्याओं की आशंका को देखते हुए चिकित्सकों ने तत्काल एंडोस्कोपिक प्रक्रिया करने का निर्णय लिया। डॉ. रवि शेखर सिंह (शिशु रोग एवं नवजात शिशु विशेषज्ञ) के पर्यवेक्षण में तथा डॉ. सिद्धार्थ पाटोदी (बाल जठरांत्र रोग विशेषज्ञ) द्वारा अत्याधुनिक एंडोस्कोपी तकनीक की सहायता से कील को बिना किसी चीरे और बड़ी सर्जरी के सुरक्षित रूप से बाहर निकाल लिया गया।
प्रक्रिया के बाद बच्चे की स्थिति सामान्य और स्थिर है तथा वह चिकित्सकीय निगरानी में तेजी से स्वस्थ हो रहा है। चिकित्सकों ने बताया कि छोटे बच्चों द्वारा कील, पिन, बैटरी, चुंबक और सिक्के जैसी वस्तुएं निगल लेने की घटनाएं आम हैं, लेकिन समय पर इलाज नहीं मिलने पर यह जानलेवा साबित हो सकती हैं।
उन्होंने अभिभावकों से बच्चों की पहुंच से ऐसी वस्तुओं को दूर रखने और किसी भी आशंका की स्थिति में तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की। अस्पताल ने इस मामले को अभिभावकों की जागरूकता, समय पर चिकित्सा परामर्श और उन्नत बाल चिकित्सा सुविधाओं का सफल उदाहरण बताया।



