विकसित भारत मिशन के संदर्भ में छोटे शहरों के मध्य एवं लघु उद्योगों का महत्व विषय पर सेमीनार का आयोजन
खूंटी : विकसित भारत मिशन के संदर्भ में छोटे शहरों के मध्य एवं लघु उद्योगों का महत्व विषय पर शनिवार को पत्र सूचना कार्यालय द्वारा समाहरणालय सभागार में एक “वार्तालाप” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस समारोह में बतौर गेस्ट ऑफ ऑनर के तौर पर बोलते हुए विभाग के भारतीय सूचना सेवा के वरिष्ठ अधिकारी, और उड़िसा , झारखंड के अपर महानिदेशक अखिल कुमार मिश्रा ने कहा कि भारत सरकार की मंशा है कि देश के छोटे शहरों में लघु एवं मध्यम उद्योगों को लेकर जो सरकार की योजना है उसके विषय में अधिक जागरूकता आए ।उन्होंने पत्रकारों से आग्रह किया कि वह इस कार्य में विभाग के प्रयासों में सहयोग करें।
इस समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोलते हुए खूंटी जिला की उपयुक्त आर. रॉनिटा ने कहा कि खूंटी जिला राजधानी रांची के नजदीक होने के कारण कई संभावनाओं से भरा हुआ जिला है, जिसमें छोटे एवं सूक्ष्म उद्योग की बड़ी संभावना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि “वार्तालाप” कार्यक्रम के दौरान होने वाले दोनों तरफ के बातचीत से इस दिशा में हो रहे सरकारी प्रयास को और मदद मिलेगी।
वही एक्सपर्ट के रूप में बोलते हुए पत्र सूचना कार्यालय, पटना के सहायक निदेशक ने कहा कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में प्रशिक्षण से मध्य एवं सूक्ष्म उद्योग जगत को आत्मनिर्भरता हासिल करने में मदद मिलती है ।उन्होंने केंद्र सरकार की कई योजनाओं- जैसे मुद्रा योजना ,इत्यादि का जिक्र करते हुए कहा कि इसके सार्थक परिणाम अब देखे जा रहे हैं।
वही रांची स्थित नेशनल यूनिवर्सिटी फॉर रिसर्च एंड स्टडीज इन लॉ के सहायक प्रोफेसर डॉ मृत्युंजय मयंक ने इस क्षेत्र के विभिन्न कानूनी पहलुओं पर व्यापक प्रकाश डाला और उन्होंने कई मूलभूत सुधारों का जिक्र किया, और बताया कि अब लघु एवं सूक्ष्म उद्योगों की परिभाषा बदल दी गई है, जिसमें अब 125 करोड़ रु के प्लांट व मशीनरी तथा 500 रु करोड़ तक के टर्नओवर को इस श्रेणी में रखा जाने लगा है।उन्होंने एमएसएमई एक्ट के विभिन्न प्रावधानों का जिक्र करते हुए बताया कि इसकी धारा 16 से 20 बहुत महत्वपूर्ण है जिसका अध्ययन लोगों को करना चाहिए।
सत्र के अंत में पत्र सूचना कार्यालय, रांची के क्षेत्रीय प्रचार अधिकारी ओंकार पांडे ने विभिन्न वक्ताओं द्वारा दिए वक्तव्यों का सारांश बताते हुए उनका और उपस्थित पत्रकारों का धन्यवाद दिया।



