होल्डिंग टैक्स के 28 बकायेदारों पर ₹63 लाख बकाया, नोटिस के बाद होगी बडी कार्रवाई
भागलपुर। नवनियुक्त नगर आयुक्त शुभम कुमार की कार्यशैली अब असर दिखाने लगी है। होल्डिंग टैक्स के 28 बड़े बकायेदारों पर अब निगम प्रशासन सख्त कार्रवाई करने जा रहा है। इन बकायेदारों पर कुल ₹63 लाख का बकाया है। पहले चरण में नोटिस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
आउटसोर्सिंग एजेंसी लोजिकूफ टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड ने इन 28 बकायेदारों की सूची नगर निगम को सौंप दी है। पहले इन्हें एक नोटिस भेजा गया था, अब दूसरा और अंतिम नोटिस भेजा जाएगा। यदि नोटिस मिलने के 15 दिनों के भीतर राशि जमा नहीं की जाती है, तो निगम प्रशासन संपत्ति जब्ती जैसी कार्रवाई शुरू करेगा।
नगर निगम की सबसे बड़ी आंतरिक आय – होल्डिंग टैक्स :
गौरतलब है कि नगर निगम की आंतरिक आय का सबसे बड़ा स्रोत होल्डिंग टैक्स है। आय बढ़ाने के उद्देश्य से नगर आयुक्त शुभम कुमार ने विशेष ध्यान केंद्रित किया है। हालांकि कुछ शहरवासी टैक्स जमा करने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं, जिस कारण प्रशासन सख्त रुख अपना रहा है। यदि गृहकर यानी होल्डिंग टैक्स का भुगतान नहीं किया गया, तो निगम प्रशासन चल/अचल संपत्ति जब्त कर सकता है।
63 लाख रुपये की वसूली की तैयारी :
इस वित्तीय वर्ष के 28 प्रमुख बकायेदारों से पहले चरण में ₹63 लाख की वसूली का लक्ष्य रखा गया है। अगर निर्धारित समय सीमा में टैक्स जमा कर दिया जाता है तो निगम कोई कार्रवाई नहीं करेगा। साथ ही, दूसरे चरण की सूची भी तैयार की जा रही है और प्रशासन एक्शन मोड में है।
शहर में फिलहाल 81,000 होल्डिंग निबंधित हैं और निजी भवन मालिकों की पहचान की जा चुकी है। इससे पहले, 23 दिसंबर को 27 और 3 जनवरी को 28 बकायेदारों की सूची निगम को सौंपी गई थी। अब एक बार फिर से संशोधित सूची निगम प्रशासन को भेजी गई है, और नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। दो से तीन दिनों में बकायेदारों के घरों में नोटिस भेजे जाएंगे।
लोजिकूफ टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड के प्रोजेक्ट मैनेजर अमित कुमार ने बताया:
“होल्डिंग टैक्स के बड़े बकायेदारों की दो चरणों में सूची तैयार कर नगर निगम को सौंपी गई है। अब निगम द्वारा दूसरा और अंतिम नोटिस जारी किया जाएगा।”
यह है कानूनी प्रावधान:
बिहार नगरपालिक अधिनियम, 2007 की धारा 158 के तहत कर वसूली के लिए नगर निगम को अधिकार प्राप्त हैं।
प्रमुख निजी आवासीय बकायेदार (वार्डवार):
वार्ड 15 – साईं बाबा इंजीनियरिंग प्रा. लि.: ₹9.79 लाख
वार्ड 14 – निज़ामुद्दीन: ₹5.49 लाख
वार्ड 15 – शाहिदा खातून: ₹4.36 लाख
वार्ड 13 – मृत्युंजय सिंह: ₹3.75 लाख
वार्ड 15 – शिवनंदन मंडल: ₹3.11 लाख
वार्ड 48 – सुमित्रा देवी: ₹2.98 लाख
वार्ड 15 – मनोज मंडल: ₹2.98 लाख
वार्ड 25 – द्रौपदी देवी: ₹2.96 लाख



