भूमि का मार्केटप्लेस 2026 में किसानों-खरीदारों के बीच सीधे संपर्क के अवसर, 10 समझौतों पर हस्ताक्षर

रांची : राजधानी रांची स्थित होटल बीएनआर चाणक्य में शनिवार को ‘भूमि का मार्केटप्लेस 2026’ का आयोजन सफलतापूर्वक किया गया। सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक चले इस कार्यक्रम में किसानों, एफपीओ (किसान उत्पादक संगठन), एसएमई और खरीदारों के बीच सीधे संवाद और व्यापारिक संभावनाओं को मजबूत करने पर जोर दिया गया।

कार्यक्रम के दौरान 20 से अधिक खरीदार-विक्रेता की व्यक्तिगत बैठकें आयोजित की गईं, जिससे प्रतिभागियों को आपसी समझ और व्यापार विस्तार का अवसर मिला। वहीं, 10 व्यापारिक समझौतों (ईओआई/एमओयू) पर हस्ताक्षर भी किए गए, जो भविष्य में कृषि-व्यवसाय को नई दिशा देने में सहायक होंगे।

मेले में एफपीओ उत्पादों की ब्रांडिंग और प्रचार-प्रसार पर विशेष ध्यान दिया गया। साथ ही ‘भूमि कल्चर सर्विसेज’ का शुभारंभ किया गया। एफपीओ और एसएमई को अपने उत्पादों और सेवाओं की प्रस्तुति (पिचिंग) के लिए मंच प्रदान किया गया, जिससे उन्हें नए बाजार से जुड़ने का अवसर मिला। कार्यक्रम में पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, झारखंड ने उद्योग भागीदार के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित राज्य रक्षा मंत्री संजय सेठ ने कहा कि सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के साथ-साथ एफपीओ और एसएमई को सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। कंसोर्टियम फॉर एग्रो-इकोलॉजिकल ट्रांसफॉर्मेशन के संस्थापक सदस्य शिरीष जोशी ने कहा कि ऐसे मंच कृषि-पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करते हैं और किसानों को सीधे बाजार से जोड़ते हैं।

भूमि का के सीईओ संदीप साहू ने कहा कि संस्था छोटे किसानों और उत्पादकों के हित में लगातार काम कर रही है और उन्हें बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। वहीं, सीडब्ल्यूएस के राज्य निदेशक राजेश झा और संयुक्त निदेशक डॉ. पलाश भूषण चटर्जी ने भी कृषि क्षेत्र के विकास को लेकर अपने सुझाव साझा किए।

कार्यक्रम में एफपीओ और एसएमई को अपनी उपज और क्षमताओं के प्रदर्शन के लिए विशेष मंच दिया गया, जिससे उन्हें नए व्यापारिक अवसर प्राप्त हुए।

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