स्वर्णरेखा नदी के तट पर हुआ जल संगम से जन संगम कार्यक्रम

रांची। स्वतंत्र भारत के प्रथम गृह मंत्री सरदार बल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती पर देशभर में कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसमें एक प्रमुख कार्यक्रम “जल संगम से जन संगम” भी है, जिसे संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के द्वारा आयोजित है। इसके तहत देश की 25 नदियों के जल से नई दिल्ली में सरदार पटेल का जलाभिषेक किया जाएगा। इस कार्यक्रम के निमित झारखंड की स्वर्णरेखा नदी का भी चयन हुआ है। स्वर्णरेखा नदी से पवित्र जल संग्रह हेतु रक्षा राज्य मंत्री श्री संजय सेठ चुटिया, रांची में नदी घाट पर मौजूद रहे। जल संग्रह से पूर्व यमुना जी के पवित्र जल का संगम स्वर्णरेखा में कराया गया। इसके उपरांत रक्षा राज्य मंत्री श्री संजय सेठ ने स्वर्णरेखा नदी का पवित्र जल कलश में संग्रह किया। इस जल को सरदार पटेल के जलाभिषेक हेतु दिल्ली भेजा जाएगा। इस अवसर पर रक्षा राज्य मंत्री श्री संजय सेठ ने कहा कि सरदार पटेल ने स्वतंत्रता के पश्चात भारत को एक रखने में जो तटस्थता और दृढ़ता दिखाई, वह हर देशवासी के लिए अनुकरणीय है। सरदार पटेल और उनके जीवन को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में हो रहा है। आज 140 करोड़ देशवासी सरदार पटेल के सम्मान में अपनी कृतज्ञता प्रकट कर रहे हैं। श्री सेठ ने कहा कि “जल संगम से जन संगम” एक ऐसा अभियान, जिसमें देश की पवित्र नदियों के जलों का संगम कराया जा रहा है। सरदार पटेल की जयंती पर 31 अक्टूबर इन पवित्र जलों से सरदार पटेल का जलाभिषेक नई दिल्ली में होगा। इस पवित्र जल के संग्रह का सौभाग्य मुझे मिला है, यह मेरे जीवन अविस्मरणीय पल है। यह सिर्फ मेरा नहीं बल्कि संपूर्ण झारखंड का सौभाग्य है कि स्वर्ण रेखा के पवित्र जल से सरदार पटेल का जलाभिषेक होगा।
श्री सेठ ने कहा कि यह कार्यक्रम देश की नदियों की एकता का प्रतीक है। भारत की श्रेष्ठता प्रतीक है। सरदार पटेल के प्रति देश के कृतज्ञ प्रणाम का प्रतीक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरदार पटेल के मार्ग पर चलकर देश की एकता और अखंडता को अक्षुण्ण रखने को संकल्पित हैं। यह कार्यक्रम उस संकल्प को सिद्धि प्रदान करने का प्रतीक है।

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