उद्योग और एनर्जी उप समिति की बैठक, औद्योगिक क्षेत्रों की बदहाल स्थिति पर चिंता
गणादेश,रांची :झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स की उद्योग और एनर्जी उप समिति की संयुक्त बैठक चैंबर भवन में हुई। बैठक में सदस्यों ने रांची के तुपुदाना और टाटीसिलवे औद्योगिक क्षेत्रों की खराब होती आधारभूत संरचना पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि लगातार मांगों के बावजूद जियाडा की ओर से स्ट्रीट लाइट, ड्रेनेज और सड़कों की मरम्मत जैसी मूलभूत जरूरतों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद बरसात के समय पानी सड़कों पर बह रहा है, जिससे उद्योग प्रभावित हो रहे हैं।
एमएसएमई एक्ट के तहत 45 दिनों में भुगतान की प्रक्रिया का पालन न होने से उद्यमियों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड द्वारा सीटीओ रिन्यूअल शुल्क को 22 हजार से बढ़ाकर 82 हजार करने को भी अव्यवहारिक बताया गया। सदस्यों ने कहा कि इससे छोटी इकाइयों पर अतिरिक्त बोझ बढ़ेगा।
फेलिसिटेशन काउंसिल के निष्क्रिय रहने और मामलों के वर्षों तक लंबित रहने पर भी असंतोष व्यक्त किया गया। साथ ही फैक्ट्री भवन निर्माण के लिए आवश्यक स्टेबिलिटी रिपोर्ट देने हेतु राज्य में केवल चार अधिकृत व्यक्तियों की उपलब्धता को भी समस्या बताया गया।
चैंबर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने आश्वासन दिया कि सभी मुद्दों पर जल्द ही विभागीय मंत्री से वार्ता की जाएगी। बैठक में चैंबर के कई सदस्य और पदाधिकारी उपस्थित थे।



